झुंझुनूं की बाकरा पहाड़ी पर शिवलिंग स्थापना के स्थान को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है। ग्रामीण आठवें दिन भी धरने पर बैठे हैं और उनका कहना है कि शिवलिंग की स्थापना उसी स्थान पर की जाएगी, जहां वह पाया गया था।
झुंझुनूं: बाकरा पहाड़ी पर शिवलिंग स्थापना के स्थान को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विवाद बना हुआ है। ग्रामीणों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर शिवलिंग मिला था, स्थापना भी वहीं की जानी चाहिए। मामले को लेकर ग्रामीण अपनी मांग पर कायम हैं और धरना जारी रखे हुए हैं।
शिवलिंग स्थापना के स्थान को लेकर विवाद
झुंझुनूं की बाकरा पहाड़ी पर शिवलिंग की स्थापना को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है। स्थापना के स्थान को लेकर ग्रामीणों की ओर से विरोध जताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिवलिंग जिस स्थान पर पाया गया है, धार्मिक मान्यता और स्थानीय आस्था को देखते हुए उसी जगह पर इसकी स्थापना होनी चाहिए।
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इस मांग को लेकर ग्रामीणों ने बाकरा पहाड़ी पर धरना शुरू किया है। रविवार को धरना आठवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि स्थान बदलकर शिवलिंग की स्थापना स्वीकार नहीं की जाएगी।
आठवें दिन भी जारी रहा ग्रामीणों का धरना
ग्रामीणों के लगातार धरने पर बैठने से मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिवलिंग की स्थापना उसी स्थान पर होनी चाहिए, जहां उसे पाया गया था।
ग्रामीणों की मांग धार्मिक आस्था और स्थान से जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि शिवलिंग के मिलने वाले स्थान का अपना महत्व है और इसलिए स्थापना के लिए भी उसी जगह को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रशासन के सामने बनी सहमति की चुनौती
शिवलिंग स्थापना को लेकर चल रहा यह विवाद अब आठ दिन से जारी है। धरने के कारण प्रशासन के सामने ग्रामीणों की मांग का समाधान निकालने की चुनौती बनी हुई है।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि वे अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उनका जोर इस बात पर है कि शिवलिंग को किसी अन्य स्थान पर स्थापित करने के बजाय जहां पाया गया था, वहीं विधि-विधान के साथ स्थापना की जाए।
मामले में आगे प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद है। फिलहाल बाकरा पहाड़ी पर ग्रामीणों का धरना जारी है और सभी की नजर इस विवाद के समाधान को लेकर होने वाली अगली कार्रवाई पर है।










