मध्यप्रदेश के खंडवा ने ‘जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जल शक्ति मंत्रालय के इस अभियान में खंडवा (ईस्ट निमाड़) जिले को दक्षिण क्षेत्र की प्रथम श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल करने पर मंगलवार को जिले के कलेक्टर ऋषव गुप्ता और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नागार्जुन गौड़ा को सम्मानित किया।
भोपाल: भारत में जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘जल संचय–जन भागीदारी’ अभियान में मध्यप्रदेश का खंडवा जिला (ईस्ट निमाड़) पूरे देश में शीर्ष स्थान पर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को खंडवा के कलेक्टर ऋषव गुप्ता और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नागार्जुन गौड़ा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार’ समारोह के दौरान दिया गया।
इस उपलब्धि के साथ खंडवा ने न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में जल संरक्षण मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है, जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्थायी जल प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
1.29 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का रिकॉर्ड निर्माण
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत प्रत्येक जिले को न्यूनतम 10,000 जल संरक्षण संरचनाएँ बनाने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन खंडवा ने इसे बड़े अंतर से पार करते हुए 1,29,020 से अधिक संरचनाएँ तैयार कीं जो पूरे देश में सर्वाधिक हैं। इन संरचनाओं में शामिल थे-
- रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम,
- स्टॉप-डैम,
- चेक-डैम,
- फार्म पॉन्ड,
- रिचार्ज वेल,
अधिकारियों ने बताया कि इन प्रयासों से जिले में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वर्षा जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सका है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।
जल संरक्षण पर उत्कृष्ट कार्य के लिए 2 करोड़ की प्रोत्साहन राशि

केंद्रीय सरकार ने खंडवा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को देखते हुए 2 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। यह राशि आगे आने वाली जल संरक्षण परियोजनाओं, जल संरचनाओं के रखरखाव तथा जिले के विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह फंड खंडवा जिले के लिए जल संकट को स्थायी रूप से कम करने और दीर्घकालिक जल सुरक्षा रणनीतियों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह राष्ट्रीय पहल 6 सितंबर 2024 को गुजरात के सूरत शहर से शुरू की गई थी। राज्यों को पाँच क्षेत्रों में बांटकर, हर क्षेत्र के जिलों में जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण को बढ़ावा दिया गया था। खंडवा का प्रदर्शन दक्षिण क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ रहा।
- इस अभियान का उद्देश्य था
- समुदाय की भागीदारी बढ़ाना
- जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में स्थायी समाधान तैयार करना
- भूजल पुनर्भरण को प्रोत्साहित करना
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को न्यूनतम करना
‘जल संचय–जन भागीदारी’ अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुना नगर पालिका परिषद को भी राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया। गुना ने तय लक्ष्य से अधिक कुल 2,231 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टमका निर्माण कर उनकी जियो-टैग्ड तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड कीं। इसके अलावा, नगरीय क्षेत्र के कई पुराने कुओं का जीर्णोद्धार भी किया गया, जिससे शहरी जल सुरक्षा को मजबूती मिली।










