जमीन कब्जा आरोपों पर CM Himanta का पलटवार, Gaurav Gogoi समेत कांग्रेस नेताओं पर ठोका 500 करोड़ का दावा

असम में सियासी घमासान तेज। CM Himanta Biswa Sarma ने Gaurav Gogoi समेत कांग्रेस नेताओं पर 12,000 बीघा जमीन आरोपों को लेकर 500 करोड़ का मानहानि केस दायर किया।

असम में राजनीतिक टकराव कानूनी लड़ाई में बदल गया है। CM Himanta Biswa Sarma ने Gaurav Gogoi समेत कांग्रेस नेताओं पर 12,000 बीघा जमीन के आरोपों को झूठा बताते हुए 500 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया।

Assam Politics: असम की राजनीति इस समय जबरदस्त उथल पुथल के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेताओं के बीच टकराव अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर अदालत तक पहुंच गया है। मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगोई, भूपेश बघेल और जितेंद्र सिंह के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि यानी Defamation Case दायर कर दिया। इस कदम को असम की राजनीति में एक बड़े और निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

12,000 बीघा जमीन के आरोप से भड़का विवाद

पूरा विवाद कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनके परिवार के सदस्यों ने असम के अलग अलग इलाकों में करीब 12,000 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। गोगोई ने दावा किया कि यह जानकारी कांग्रेस की आंतरिक जांच में सामने आई है।

इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बताया, जबकि भाजपा ने आरोपों को पूरी तरह झूठा और राजनीति से प्रेरित करार दिया।

आरोपों के जवाब में सीएम सरमा का सख्त रुख

आरोप लगने के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने साफ कर दिया था कि वे बिना सबूत लगाए गए इन आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि यह उनकी छवि खराब करने की साजिश है और इसके लिए वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।

मंगलवार को मुख्यमंत्री ने अपने वादे के मुताबिक 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग के साथ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। यह रकम अपने आप में इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।

सोशल मीडिया पर CM Himanta का बयान

मुकदमा दायर करने के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस नेताओं जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं।

सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि बिना किसी प्रमाण के लगाए गए ये आरोप न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि बल्कि असम सरकार की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश हैं।

गौरव गोगोई का पलटवार

मुख्यमंत्री के इस कानूनी कदम के बाद कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 12,000 बीघा जमीन का मुद्दा सामने आने के बाद मुख्यमंत्री घबरा गए हैं और इसलिए पुराने और बेबुनियाद राष्ट्रविरोधी आरोपों को फिर से हवा दे रहे हैं।

गोगोई ने कहा कि कांग्रेस की समय परिवर्तन यात्रा के जरिए असम में कथित भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के मुद्दे सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस यात्रा को जनता का समर्थन मिल रहा है और लोग एक नए असम की मांग कर रहे हैं।

समय परिवर्तन यात्रा का जिक्र

गौरव गोगोई ने बार बार समय परिवर्तन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह यात्रा असम की राजनीति में बदलाव का संकेत है। उनके अनुसार, इसी यात्रा के दौरान 12,000 बीघा जमीन का मामला उजागर हुआ है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पहले ही अंदेशा था कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करेंगे। गोगोई ने तंज कसते हुए कहा कि अगर यह मामला इतना ही गंभीर था, तो पिछले छह महीनों से मुख्यमंत्री क्या कर रहे थे।

असम में आने वाले समय में चुनावी माहौल और ज्यादा गरमाने वाला है। ऐसे में जमीन से जुड़े आरोप और उस पर 500 करोड़ रुपये का Defamation Case राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्ष इस मामले को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच अपनी अपनी छवि मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। जहां भाजपा इसे कांग्रेस की झूठी राजनीति बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बता रही है।

पत्नी पर लगाए गए आरोपों का भी खंडन

गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री द्वारा उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई पर लगाए गए आरोपों का भी खंडन किया। उन्होंने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस को पूरी तरह विफल करार दिया, जिसमें उनकी पत्नी को लेकर सवाल उठाए गए थे।

गोगोई ने कहा कि निजी जीवन को राजनीति में घसीटना भाजपा की हताशा को दिखाता है। उन्होंने दोहराया कि असली मुद्दा 12,000 बीघा जमीन का है, जिससे ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस का कहना है कि यह मुकदमा सच्चाई दबाने का एक तरीका है। पार्टी नेताओं का दावा है कि वे अपने आरोपों पर कायम हैं और समय आने पर सबूत भी पेश करेंगे।

वहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस बिना तथ्यों के सनसनी फैलाने की राजनीति कर रही है। भाजपा नेताओं के मुताबिक मुख्यमंत्री ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर यह साफ कर दिया है कि वे हर आरोप का जवाब कानूनी तरीके से देंगे।

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