जम्मू-कश्मीर में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर शादी समारोह के दौरान हमला हुआ। आरोपी नशे की हालत में गोली चलाने में सफल रहा, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत काबू कर लिया। कोई घायल नहीं हुआ।
जम्मू: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात एक शादी समारोह के दौरान हमला किया गया। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में हुई। हमले में फारूक अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी बाल-बाल बच गए।
अधिकारियों के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब अब्दुल्ला और उनके साथ आए वरिष्ठ नेता समारोह स्थल से बाहर निकल रहे थे। इस दौरान एक सशस्त्र व्यक्ति ने अचानक पिस्तौल निकाल कर अब्दुल्ला की ओर गोली चला दी।
आरोपी की पहचान
पुलिस ने हमलावर की पहचान कमल सिंह जामवाल के रूप में की है, जो पुरानी मंडी का निवासी है। जामवाल ने नशे की हालत में यह हमला किया। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि जामवाल ने गोली चलाने से पहले सतर्क कर्मियों द्वारा उसका हथियार छीना गया और वह जमीन पर गिर गया। इसके बावजूद उसने एक गोली चलाने में कामयाबी पाई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के सुरक्षा शाखा के दो अधिकारियों—एक निरीक्षक और एक उप निरीक्षक ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को काबू कर लिया। फिलहाल आरोपी गिरफ्तार है और पुलिस विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इसमें आतंकी पहलू की संभावना नहीं है।
उपमुख्यमंत्री और पुलिस का बयान
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने इस घटना को सुरक्षा में चूक बताया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के सलाहकार किसी समारोह में मौजूद हों, तो किसी व्यक्ति के हथियार लेकर अंदर घुस पाना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता है।

पुलिस ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है। जम्मू सिटी साउथ के पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने बताया कि फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में यह गोलीबारी हुई और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना का समय
इस घटना का समय समारोह के समापन के बाद था। फारूक अब्दुल्ला और अन्य नेता बी.एस. चौहान के बेटे की शादी में शामिल हुए थे। कार्यक्रम स्थल पर वे एक घंटे से अधिक समय तक उपस्थित थे। घटना ग्रेटर कैलाश इलाके में हुई, जो शहर के बाहरी इलाके में स्थित है। हमले के दौरान अफरा-तफरी मची और लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के कारण गंभीर नुकसान टल गया और कोई घायल नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले पर गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अल्लाह की मेहरबानी से उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि विवरण अभी अस्पष्ट हैं, लेकिन जो ज्ञात है वह यह है कि एक व्यक्ति भरी पिस्तौल के साथ फारूक अब्दुल्ला के बहुत करीब आकर गोली चलाने में कामयाब हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंदरूनी सुरक्षा दस्ते ने समय रहते हमले के प्रयास को नाकाम कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि ज़ेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा के साथ पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति कैसे पहुंच गया।
सुरक्षा में चूक
उपमुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा में चूक को गंभीर माना। उन्होंने कहा कि यह घटना यह दर्शाती है कि समारोह जैसी सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा के इंतजामों में और कड़ाई की जरूरत है। अधिकारियों ने बताया कि जामवाल की उम्र 70 वर्ष से अधिक है और हमला नशे की हालत में किया गया।
पुलिस ने कहा कि जांच में यह देखना जरूरी है कि कैसे आरोपी समारोह स्थल तक बिना रोक-टोक पहुंच गया। इसके साथ ही सुरक्षा में लगे अधिकारियों के कार्य और सुरक्षा व्यवस्था की प्रक्रियाओं का भी विश्लेषण किया जाएगा।











