जोधपुर में बड़ा हादसा टला: बच्चों से भरी स्कूल वैन पलटी, मोबाइल देखते हुए चला रहा था ड्राइवर

राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा में बच्चों से भरी स्कूल वैन पलट गई। ड्राइवर मोबाइल देखते हुए गाड़ी चला रहा था। बबूल के पेड़ों ने बड़ा हादसा टाल दिया।

राजस्थान के जोधपुर के बिलाड़ा में स्कूली बच्चों से भरी वैन मोबाइल देखते हुए चला रहे ड्राइवर की लापरवाही से पलट गई। हादसे में कई बच्चों को मामूली चोटें आईं। गनीमत रही कि वैन नहर के गड्ढे में गिरने से पहले बबूल के पेड़ों में फंस गई।

जोधपुर: राजस्थान के Jodhpur जिले के बिलाड़ा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। आदर्श विद्या मंदिर सेकेंडरी स्कूल की एक वैन बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी, तभी जेतिवास रोड पर चोपड़ा फीडर नहर के पास वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई।

वैन में करीब 10 से 12 स्कूली बच्चे सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी बच्चे सुरक्षित बच गए, हालांकि 5 से 6 बच्चों को मामूली चोटें आईं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे।

मोबाइल देखने में व्यस्त था ड्राइवर

प्रत्यक्षदर्शियों और बच्चों के अनुसार, हादसे के पीछे ड्राइवर की लापरवाही मुख्य वजह थी। बच्चों ने बताया कि उनका नियमित ड्राइवर उस दिन मौजूद नहीं था और उसकी जगह एक नया ड्राइवर वैन चला रहा था।

बच्चों के मुताबिक, ड्राइवर लगातार मोबाइल फोन देख रहा था, जिसके कारण वैन सड़क पर लहराने लगी। कुछ देर बाद वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वैन सड़क से नीचे उतरकर पलट गई।

जोधपुर में बड़ा हादसा टला: बच्चों से भरी स्कूल वैन पलटी, मोबाइल देखते हुए चला रहा था ड्राइवर

एक बच्चे ने बताया कि:

“ड्राइवर बार-बार मोबाइल देख रहा था। गाड़ी इधर-उधर जा रही थी और अचानक वैन पलट गई।”

पीछे का गेट खोलकर बाहर निकले बच्चे

हादसे के बाद बच्चों में डर और घबराहट फैल गई। वैन पलटने के बाद बच्चे खुद ही पीछे का गेट खोलकर बाहर निकले।

स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उन्हें संभाला। हादसे के दौरान बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि बच्चों ने समझदारी नहीं दिखाई होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

बबूल के पेड़ों ने बचाई कई जानें

घटनास्थल के पास मौजूद लोगों के अनुसार, जहां वैन पलटी वहां चोपड़ा फीडर नहर के पास गहरा गड्ढा है। सड़क के किनारे लगे बबूल के पेड़ों की वजह से वैन आगे नहीं बढ़ सकी और वहीं पलटकर रुक गई।

अगर वैन कुछ फीट और आगे चली जाती, तो वह सीधे गहरे गड्ढे या नहर में गिर सकती थी। ऐसी स्थिति में बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।

स्थानीय लोगों ने कहा कि:

पेड़ों ने बच्चों की जान बचा ली। वरना हादसा बहुत भयावह हो सकता था।

हादसे के बाद सहमे बच्चे और परेशान परिजन

घटना के बाद बच्चे काफी डरे हुए दिखाई दिए। कई बच्चे रोने लगे, जबकि कुछ सदमे में थे। सूचना मिलने पर बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीण और परिजन बच्चों को संभालते नजर आए। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

स्कूल प्रशासन पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि स्कूलों को ड्राइवर नियुक्त करने से पहले उनका पूरा सत्यापन और प्रशिक्षण सुनिश्चित करना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने मांग की:

  • नए ड्राइवरों की उचित जांच हो
  • वाहन चालकों को सुरक्षा नियमों की ट्रेनिंग दी जाए
  • गाड़ी चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल पर सख्त रोक हो
  • स्कूल वाहनों की नियमित जांच की जाए

अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

भारत में स्कूल वाहनों की सुरक्षा बनी चिंता

देशभर में स्कूल बस और वैन से जुड़े हादसे लगातार चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। कई मामलों में ड्राइवर की लापरवाही, ओवरस्पीडिंग और मोबाइल फोन का इस्तेमाल हादसों की बड़ी वजह बनता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल वाहनों के लिए कड़े सुरक्षा नियम लागू होने के बावजूद कई जगह इनका पालन ठीक से नहीं किया जाता।

मोबाइल फोन बना सड़क हादसों की बड़ी वजह

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल बेहद खतरनाक है। इससे:

  • चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है
  • प्रतिक्रिया देने का समय कम हो जाता है
  • वाहन का नियंत्रण बिगड़ सकता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और सड़क सुरक्षा एजेंसियां भी ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल को गंभीर जोखिम मानती हैं।

स्कूल वाहनों के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल वाहनों में निम्न सुरक्षा उपाय अनिवार्य होने चाहिए:

  • प्रशिक्षित और अनुभवी ड्राइवर
  • वाहन में GPS और कैमरा सिस्टम
  • स्पीड गवर्नर
  • इमरजेंसी एग्जिट
  • नियमित फिटनेस जांच

ड्राइवर के मोबाइल उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध

इसके अलावा स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय भी जरूरी माना जाता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

कई ग्रामीणों ने कहा कि:

बच्चों की जिंदगी के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

हालांकि घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। संभावना है कि स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग स्कूल वैन और ड्राइवर से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं।

यदि ड्राइवर की लापरवाही साबित होती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और स्कूल परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल नियम बनाना काफी नहीं, बल्कि उनका सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है।

स्कूलों, अभिभावकों और प्रशासन को मिलकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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