जोधपुर में उदयपुर की गैंगवार टली! 10 मर्डर का कुख्यात आरोपी नरेश वाल्मीकि गिरफ्तार

जोधपुर में उदयपुर की गैंगवार टली! 10 मर्डर का कुख्यात आरोपी नरेश वाल्मीकि गिरफ्तार

उदयपुर रेंज का हार्डकोर अपराधी नरेश वाल्मीकि पिछले एक महीने से जोधपुर के कागा श्मशान में छुपकर हत्या की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने उसकी हरकतों पर नजर रखकर उसे सलून से दबोच लिया। उसके पास से 3 अवैध पिस्टल, 2 कारतूस और क्रेटा कार जब्त हुई। आरोपी पर 50 हजार का इनाम था और 37 संगीन मामले दर्ज हैं।

Jodhpur: जोधपुर पुलिस ने सोमवार को उदयपुर की एक गैंगवार को समय रहते रोककर बड़ी सफलता हासिल की। उदयपुर का कुख्यात गैंगस्टर नरेश वाल्मीकि जोधपुर के विनायकिया क्षेत्र में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर प्रवीण बसेटा की हत्या करने आया था। प्रवीण कुछ समय से प्रॉपर्टी के काम के सिलसिले में जोधपुर आ रहा था। उसी दौरान नरेश को जानकारी मिली कि उसका पुराना दुश्मन इसी शहर में रहता है। इसके बाद उसने हत्या की योजना बना ली।

श्मशान में बना रखा था ठिकाना

हत्या को अंजाम देने के लिए नरेश पिछले एक महीने से कागा क्षेत्र के एक श्मशान में छुपकर रह रहा था। वह न मोबाइल रखता था और न इलाके में ज्यादा घूमता था। खाना और कपड़े देने के लिए उसका साथी अमन वाल्मीकि रोज आता-जाता था।

इस तरह वह पुलिस की नजरों से बचकर सही मौके का इंतजार कर रहा था ताकि प्रवीण को रास्ते से हटाया जा सके।

मुखबिर की सूचना से खुली पोल

महामंदिर थाना पुलिस को एक मुखबिर से पता चला कि श्मशान में एक संदिग्ध व्यक्ति कई दिनों से रह रहा है, जो खुद को छुपा रहा है। सूचना पर पुलिस ने इलाके की सीसीटीवी फुटेज चेक की तो एक स्कूटी दिखाई दी, जो अक्सर श्मशान की तरफ जाती थी। स्कूटी नंबर अमन वाल्मीकि के नाम पर निकला।

जब पुलिस ने अमन की लोकेशन निकाली तो सोमवार को पता चला कि वह नरेश को बाल कटवाने सैलून लेकर आया है। टीम तुरंत वहां पहुंची और दोनों को बिना किसी विरोध के गिरफ्तार कर लिया।

हथियारों की बड़ी खेप बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमन की मदद से भदवासिया में खड़ी नरेश की कार भी जब्त की। कार की तलाशी में 3 अवैध पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में सामने आया कि नरेश ने मध्यप्रदेश से पिछले एक साल में 20 से ज्यादा अवैध हथियार खरीदे थे।

उदयपुर पुलिस पहले ही उसकी 11 पिस्टल ज़ब्त कर चुकी है। वहीं जोधपुर पुलिस ने 3 और हथियार पकड़ लिए। नरेश ने एक पंप गन भी एमपी से खरीदी थी, जिसका उपयोग वो किसी बड़ी वारदात में करना चाहता था।

क्यों बन गया था टारगेट प्रवीण बसेटा?

प्रवीण बसेटा उदयपुर का ही हिस्ट्रीशीटर है, लेकिन पिछले कुछ समय से जोधपुर में प्रॉपर्टी कारोबार करने लगा था। गैंगों के बीच पुरानी रंजिश के कारण नरेश उसे खत्म करना चाहता था।

कुछ दिन पहले ही प्रवीण को इस साजिश की भनक लगी और वह रविवार रात ही उदयपुर लौट गया। इससे पहले कि नरेश उसे ढूंढ पाता, पुलिस ने खुद नरेश को पकड़ लिया।

37 मामलों में वांटेड, 50 हजार का इनामी

नरेश पर उदयपुर के छह थानों में 37 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, तस्करी और आयुध अधिनियम जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

सूरजपोल में 14, अंबामाता और भूपालपुरा में 5-5, धानमंडी में 3, हिरण मगरी, घंटाघर और प्रतापनगर में 2-2 केस दर्ज हैं। इसके अलावा निंबाहेड़ा, नाई, सुखेर और कोटा की दादाबाड़ी थाना में भी मामले हैं। उदयपुर रेंज IG ने उसके ऊपर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

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