साउथ सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने भले ही बॉलीवुड में चुनिंदा फिल्मों में काम किया हो, लेकिन उनकी लोकप्रियता पूरे देश में बनी हुई है। एस.एस. राजामौली की सुपरहिट फिल्म 'मगाधीरा' और अजय देवगन के साथ 'सिंघम' जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से उन्होंने दर्शकों का दिल जीता।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: साउथ सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने अपने करियर, मातृत्व और आने वाली फिल्मों को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। बॉलीवुड में भले ही उन्होंने चुनिंदा फिल्में की हों, लेकिन अपनी दमदार अदाकारी के कारण उन्होंने देशभर में खास पहचान बनाई है। एसएस राजामौली की चर्चित फिल्म ‘मगधीरा’ से लेकर अजय देवगन स्टारर ‘सिंघम’ तक, काजल ने अलग-अलग किरदारों में दर्शकों का दिल जीता है। हालांकि, अभिनेत्री का कहना है कि इस मुकाम तक पहुंचने के सफर में उन्होंने कई व्यक्तिगत त्याग भी किए हैं।
कभी साल में 7-8 फिल्मों में व्यस्त रहती थीं काजल
अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए काजल अग्रवाल ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उनकी जिंदगी पूरी तरह शूटिंग और यात्राओं तक सीमित थी। वह एक साल में सात से आठ फिल्मों में काम करती थीं और निजी जीवन के लिए उनके पास समय नहीं बचता था। काजल ने कहा कि उस समय वह लगातार काम में व्यस्त रहती थीं। जब उनके दोस्त अपनी जिंदगी का आनंद ले रहे थे, तब वह अलग-अलग शहरों में शूटिंग कर रही थीं। उन्होंने बताया कि कई बार वह पूरे साल में सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही मुंबई आ पाती थीं।
अभिनेत्री के मुताबिक, शुरुआत में भाषा और संस्कृति को समझना भी उनके लिए बड़ी चुनौती थी। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए उन्हें नई भाषा, नए माहौल और अलग कार्यशैली के साथ तालमेल बैठाना पड़ा।
मां बनने के बाद बदली जिंदगी की प्राथमिकताएं
काजल अग्रवाल अब चार साल के बेटे नील की मां हैं। उनका कहना है कि अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना है। उन्होंने बताया कि एक मां के रूप में उन्हें अक्सर भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनका बेटा कई बार उनसे कहता है कि वह शूटिंग पर न जाएं, जिससे उन्हें मां होने के नाते भावुक महसूस होता है।
काजल के अनुसार, अब वह समय प्रबंधन को सबसे ज्यादा महत्व देती हैं। उनका प्रयास रहता है कि वह अपने बच्चे और करियर दोनों को पर्याप्त समय दे सकें। उन्होंने कहा कि हर दौर की अपनी चुनौतियां होती हैं और इन्हीं चुनौतियों से जिंदगी खूबसूरत बनती है। मां बनने के बाद उन्होंने कई चीजों को नए नजरिए से देखना शुरू किया है।
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बेटा नील समझने लगा है मां की पहचान
काजल ने अपने बेटे से जुड़ा एक प्यारा किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि नील अब धीरे-धीरे समझने लगा है कि उसकी मां एक अभिनेत्री हैं। हालांकि, उसे यह बिल्कुल पसंद नहीं है कि लोग उसकी मां के साथ तस्वीरें लें। काजल ने बताया कि जब कोई एयरपोर्ट पर फोटो लेने आता है तो नील उनसे चिपक जाता है और कहता है कि उनकी तस्वीर नहीं ली जाएगी। अभिनेत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनके लिए ऐसे पल काफी भावुक और चुनौतीपूर्ण होते हैं।
‘रामायणम्’ में निभा रही हैं मंदोदरी का किरदार
काजल अग्रवाल जल्द ही निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायणम्’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में वह मंदोदरी की भूमिका निभा रही हैं। अपने किरदार के अनुभव को साझा करते हुए काजल ने कहा कि यह उनके लिए बेहद खास और अलग अनुभव है। उन्होंने बताया कि फिल्म का स्तर बहुत बड़ा है और शूटिंग के दौरान ही इसकी भव्यता का अंदाजा लग जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि उनका बेटा नील रामायण की कहानी से परिचित है। जब उन्होंने उसे बताया कि वह फिल्म में मंदोदरी का किरदार निभा रही हैं, तो नील ने मजाक में कहा कि वह रावण बनेगा। काजल ने हंसते हुए बताया कि दोनों खेल-खेल में रावण और मंदोदरी बन जाते हैं।
‘द इंडिया स्टोरी’ में उठाएंगी मिलावट का मुद्दा
काजल अग्रवाल अपनी आगामी फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ में खाने-पीने की चीजों में मिलावट जैसे गंभीर मुद्दे को लेकर आ रही हैं। एक मां के तौर पर वह इस विषय से खुद को काफी जुड़ा हुआ महसूस करती हैं। उनका कहना है कि आज के समय में माता-पिता के लिए यह चिंता का विषय है कि बच्चों को जो खाना दिया जा रहा है, वह कितना सुरक्षित है।
काजल ने कहा कि दूध, फल और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर लोगों को ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। उनके अनुसार, इस फिल्म के लिए की गई रिसर्च ने उन्हें भी काफी प्रभावित किया।










