सावन मास में लखनऊ के प्रमुख शिवालयों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। महाकाल मंदिर में उज्जैन की तर्ज पर भस्म आरती और पालकी यात्रा निकलेगी, जबकि मनकामेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए AI कैमरों से निगरानी की जाएगी।
लखनऊ:सावन 2026 के दौरान राजधानी लखनऊ के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, भस्म आरती और पालकी यात्रा का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया है।
महाकाल मंदिर में होगी भस्म आरती और भव्य पालकी यात्रा
सावन मास के दौरान लखनऊ के प्रमुख शिवालयों में धार्मिक आयोजनों की तैयारियां तेज हो गई हैं। राजेंद्रनगर स्थित श्री महाकाल मंदिर में 30 जुलाई से 27 अगस्त तक श्रावण मास उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर सावन के सभी सोमवार यानी 3, 10, 17 और 24 अगस्त को विशेष भस्म आरती का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा 21 अगस्त को भगवान महाकाल की भव्य पालकी यात्रा निकलेगी, जिसमें ढोल-नगाड़ों और डमरू की ध्वनि के बीच श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
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मंदिर प्रशासन के अनुसार 24 अगस्त को विशेष महाआरती और 27 अगस्त को विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। पूरे उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
मनकामेश्वर मंदिर में AI कैमरों से होगी निगरानी
लखनऊ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में भी सावन के प्रत्येक सोमवार को विशेष श्रृंगार, रुद्राभिषेक और महाआरती आयोजित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए इस बार मंदिर परिसर में AI आधारित कैमरे और सीसीटीवी सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
मंदिर की महंत दिव्या गिरि ने बताया कि आधुनिक निगरानी प्रणाली के जरिए मंदिर परिसर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन की सुविधा मिल सके। प्रशासन भी भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी कर रहा है।
पूरे शहर के शिवालयों में होंगे धार्मिक आयोजन
महाकाल और मनकामेश्वर मंदिर के अलावा छोटा शिवाला, सिद्धनाथ मंदिर, कोनेश्वर मंदिर, कल्याण गिरी मंदिर, बुद्धेश्वर महादेव मंदिर और चौक क्षेत्र की छोटी काशी सहित शहर के कई प्रमुख शिवालयों में सावन भर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और महाआरती का आयोजन होगा। सुबह से देर रात तक मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजेंगे और श्रद्धालु बड़ी संख्या में भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
भक्ति और उत्सव के रंग में रंगेगी राजधानी
सावन के अवसर पर राजधानी के प्रमुख मंदिरों को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत सजावट से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस वर्ष सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों के साथ सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि भक्त शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित माहौल में भगवान शिव की आराधना कर सकें।









