कांगपोकपी में कुकी-जो समुदाय का बड़ा प्रदर्शन, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और सुरक्षा कार्रवाई की जांच की मांग

मणिपुर के कांगपोकपी में कुकी-जो समुदाय ने तीन नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। CoTU ने रिहाई, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा कार्रवाई की मांग की।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में कुकी-जो समुदाय के लोगों ने तीन गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाए और सरकार से निष्पक्ष जांच व मानवीय संकट के समाधान की मांग की।

इम्फाल: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मंगलवार को कुकी-जो समुदाय के सैकड़ों लोगों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 11 जुलाई को लीमाखोंग घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए तीन सामुदायिक नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। यह प्रदर्शन कुकी-जो संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (CoTU) के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और सरकार से निष्पक्ष जांच तथा समुदाय के साथ न्याय की अपील की।

न्यूटे कैलहांग से शुरू हुई रैली, NH-2 तक पहुंचे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शन की शुरुआत कांगपोकपी शहर के न्यूटे कैलहांग इलाके से हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रीय राजमार्ग-2 से होते हुए ब्रिगेडियर एम. थॉमस ग्राउंड तक पहुंचे। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई नारे लगाए, जिनमें “हमारे नेताओं को रिहा करो”, “चुनिंदा न्याय बंद करो” और “नेताओं को परेशान करना बंद करो” जैसे संदेश शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर और बैनर भी ले रखे थे। प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और सुरक्षा व्यवस्था के बीच रैली शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुई।

डिप्टी सीएम को सौंपा गया ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद CoTU प्रतिनिधियों ने मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने गिरफ्तार किए गए तीनों नेताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की। ज्ञापन में प्रशासन से कुकी-जो समुदाय के नेताओं के खिलाफ कथित उत्पीड़न रोकने और सुरक्षा अभियानों में कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई। CoTU ने कहा कि लंबे समय से जिले में आवश्यक वस्तुओं, दवाओं और अन्य जरूरी सेवाओं की कमी के कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

CoTU ने मानवीय संकट का उठाया मुद्दा

CoTU के प्रवक्ता एनग लुन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांगपोकपी के लोग लंबे समय से धैर्य बनाए हुए हैं, लेकिन लगातार जारी समस्याओं के कारण लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में खाद्य सामग्री, दवाइयों और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, 30 जून को गामगिफाई और 11 जुलाई को लीमाखोंग में हुए विरोध प्रदर्शन इसी लंबे समय से चले आ रहे संकट का परिणाम थे। उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज को दबाने के लिए किसी भी तरह की धमकी या दबाव का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

कांगपोकपी में कुकी-जो समुदाय का बड़ा प्रदर्शन, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और सुरक्षा कार्रवाई की जांच की मांग

CoBRA कार्रवाई पर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारियों ने 12 जुलाई को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की CoBRA यूनिट द्वारा बोंगफाजोल गांव के प्रमुख डोमिनलाल हाओकिप के घर पर की गई कथित रात की छापेमारी पर भी आपत्ति जताई। CoTU ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बिना की गई और जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। संगठन ने मांग की कि भविष्य में किसी भी तलाशी या सुरक्षा अभियान के दौरान कानून के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाए और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इस आरोप पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

तीन नेताओं की रिहाई की मांग

CoTU ने जिन नेताओं की रिहाई की मांग की है, उनमें सेवानिवृत्त IDES अधिकारी के. ल्हौवुम, नगाम्बोई हाओकिप और पागिन हांगशिंग शामिल हैं। संगठन का कहना है कि इन नेताओं की गिरफ्तारी से समुदाय में असंतोष बढ़ा है और सरकार को स्थिति को शांत करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। CoTU ने यह भी अपील की कि हिरासत में लिए गए नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।

मणिपुर में जारी तनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक चिंताएं

मणिपुर पिछले कुछ समय से जातीय तनाव और हिंसा की घटनाओं को लेकर संवेदनशील स्थिति से गुजर रहा है। विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली और सामान्य स्थिति बहाल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कांगपोकपी में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर राज्य में कानून व्यवस्था, सुरक्षा अभियानों और मानवीय सहायता से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वह सभी पक्षों से बातचीत कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए।

प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त

प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। अधिकारियों के अनुसार, रैली शांतिपूर्ण रही और किसी हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शनकारियों ने अंत में दोहराया कि उनकी मुख्य मांग गिरफ्तार नेताओं की रिहाई, सुरक्षा अभियानों में पारदर्शिता और कांगपोकपी क्षेत्र में आवश्यक सेवाओं की बहाली है।

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