कानपुर के रावतपुर में दो बदमाशों ने गेंदा फूल सूंघाकर महिला को सम्मोहित कर लिया और बच्चों के संकट का डर दिखाकर उससे नकदी और सामान लूटकर बाइक से फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी आरोपियों की तलाश कर रही है।
कानपूर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक हैरान करने वाली ठगी की घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों के बीच दहशत और चर्चा का माहौल पैदा कर दिया है। रावतपुर थाना क्षेत्र में दो अज्ञात युवकों पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला को गेंदा का फूल सूंघाकर कथित रूप से सम्मोहित किया और फिर अंधविश्वास और डर का सहारा लेकर उससे नकदी और अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़िता बदहवास हालत में सड़क पर मदद के लिए पुकारती रही, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे संभाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?
पीड़िता किरण वर्मा, जो सराय मस्वानपुर इलाके की रहने वाली हैं, घरों में खाना बनाने का काम करती हैं। उनके पति संजय वर्मा निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में उनके दो बेटे हैं।
पीड़िता के अनुसार, वह रविवार शाम काम खत्म कर घर लौट रही थीं, तभी रास्ते में बाइक सवार दो युवक उनके पास पहुंचे। शुरुआत में दोनों ने सामान्य बातचीत की, जिससे महिला को कोई शक नहीं हुआ।
इसी दौरान एक युवक ने महिला को एक गेंदा का फूल दिया और उसे सूंघने के लिए कहा। आरोप है कि इसके बाद दोनों युवकों ने महिला को डराना शुरू कर दिया और दावा किया कि उसके दोनों बच्चों पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
बच्चों के खतरे का डर दिखाकर बनाया निशाना
महिला के अनुसार, आरोपियों ने उसे यह कहकर डराया कि यदि तुरंत “उपाय” नहीं किया गया तो उसके बच्चों की जान को खतरा हो सकता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर घबराई महिला उनकी बातों में आ गई।
यही वह मोड़ था जहां कथित रूप से ठगों ने अंधविश्वास और डर का फायदा उठाया। उन्होंने महिला को यह विश्वास दिलाया कि किसी विशेष धार्मिक प्रक्रिया और पूजा-पाठ से ही उसके बच्चों की सुरक्षा संभव है।
इसी बहाने उन्होंने महिला के पास मौजूद नकदी और अन्य कीमती सामान अपने कब्जे में ले लिया।
ठगी के बाद बाइक से फरार हुए आरोपी
कुछ देर तक झांसे में रखने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। जब महिला को एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकी है, तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया और आरोपियों के पीछे दौड़ी, लेकिन तब तक वे बाइक से काफी दूर निकल चुके थे।
महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। इसके बाद तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।
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पुलिस की कार्रवाई और जांच शुरू
सूचना मिलने पर रावतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता से विस्तृत पूछताछ की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई।
रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश रॉय ने बताया कि यह मामला टप्पेबाजी और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अंधविश्वास और डर का इस्तेमाल कर अपराध की नई रणनीति
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किस तरह अपराधी अंधविश्वास और भय का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। कथित तौर पर “सम्मोहन” और “धार्मिक उपाय” जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर ठगी की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अपराधी मनोवैज्ञानिक दबाव और डर का उपयोग करते हैं, जिससे पीड़ित व्यक्ति तर्कसंगत सोच खो देता है और आसानी से उनकी बातों में आ जाता है।
पीड़िता की स्थिति और परिवार की चिंता
घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से बेहद परेशान है। परिवार के अनुसार, वह लगातार सदमे की स्थिति में हैं और घटना को लेकर डरी हुई हैं। परिवार ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है ताकि न्याय मिल सके।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
पुलिस की अपील: अजनबियों से सावधान रहें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अजनबी व्यक्ति की बातों पर भरोसा न करें, खासकर जब कोई व्यक्ति डर या अंधविश्वास का सहारा लेकर धन या वस्तु मांगने की कोशिश करे।
पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दी जाए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से उम्मीद
पुलिस अब इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही, संभावित रूट और संदिग्ध वाहनों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा और इस पूरे गिरोह का खुलासा हो सकता है।









