सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने दिन की शुरुआत हरे निशान में की, लेकिन कारोबार के अंत तक बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
बिजनेस न्यूज़: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद कमजोरी देखने को मिली। सोमवार को शुरुआती बढ़त के बावजूद बाजार अंत में गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 508.40 अंक यानी 0.68% गिरकर 74,267.34 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 165.15 अंक यानी 0.70% की गिरावट के साथ 23,382.60 पर बंद हुआ।
दिन की शुरुआत में बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला था, जहां सेंसेक्स 75,203.02 और निफ्टी 23,654.50 के स्तर पर मजबूती के साथ खुले थे। हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ा और बाजार लाल निशान में चला गया।
ब्रॉड मार्केट में कमजोर रुख
आज के सत्र में बाजार की चौड़ाई (market breadth) कमजोर रही। सेंसेक्स की 30 में से केवल 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में बंद हुए, जबकि 24 कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 50 में भी केवल 10 शेयरों में तेजी रही, जबकि 40 शेयर लाल निशान में बंद हुए इससे साफ संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव बना रहा।
IT सेक्टर बना दिन का मुख्य सहारा
गिरावट भरे बाजार में आईटी सेक्टर ने मजबूती दिखाई और निवेशकों को कुछ राहत दी। टॉप गेनर्स में शामिल रहे:
- टेक महिंद्रा: +3.80%
- इन्फोसिस: +3.70%
- टीसीएस: +1.95%
- एचसीएल टेक: +0.90%
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तकनीकी मांग और डॉलर की मजबूती के चलते आईटी कंपनियों में खरीदारी देखने को मिली।
इन प्रमुख शेयरों में रही गिरावट
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बाजार में कई दिग्गज शेयरों पर दबाव देखने को मिला, जिससे समग्र इंडेक्स पर असर पड़ा। गिरावट वाले प्रमुख शेयर:
- हिंदुस्तान यूनिलीवर: -2.83%
- एनटीपीसी: -2.15%
- महिंद्रा एंड महिंद्रा: -2.10%
- कोटक महिंद्रा बैंक: -1.95%
- बजाज फाइनेंस: -1.74%
- ट्रेंट: -1.74%
- अल्ट्राटेक सीमेंट: -1.73%
- एलएंडटी: -1.65%
- मारुति सुजुकी: -1.51%
- बजाज फिनसर्व: -1.33%
- आईसीआईसीआई बैंक: -1.31%
- टाइटन: -1.21%
- एशियन पेंट्स: -1.20%
- अडाणी पोर्ट्स: -1.19%
- भारती एयरटेल: -1.05%
- एसबीआई: -0.99%
इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे भारी-भरकम स्टॉक में भी हल्की कमजोरी (-0.02%) दर्ज की गई, जिसने बाजार की दिशा को सीमित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, और विदेशी निवेश प्रवाह (FII inflows) पर निर्भर करेगी। IT और फार्मा सेक्टर में मजबूती जारी रह सकती है, जबकि बैंकिंग और कंज्यूमर सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।









