कानपुर में प्लाईवुड गोदाम में भीषण आग 2 किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार 9 दमकल गाड़ियां मौके पर

एक प्लाईवुड गोदाम में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। धुएं का गुबार 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 9 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
कानपुर में प्लाईवुड गोदाम में भीषण आग 2 किलोमीटर दूर तक दिखा धुएं का गुबार 9 दमकल गाड़ियां मौके पर
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक प्लाईवुड गोदाम में लगी भीषण आग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी विकराल थी कि उससे उठता धुएं का गुबार करीब 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लाईवुड और लकड़ी से संबंधित सामग्री रखी हुई थी, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। कुछ ही समय में लपटों ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।

आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग सक्रिय हो गया। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की 9 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। दमकलकर्मियों ने कई घंटों तक लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधन भी लगाए गए ताकि लपटें आसपास की इमारतों तक न पहुंच सकें।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार छा गया। दूर-दूर तक धुआं दिखाई देने के कारण लोगों की भीड़ घटनास्थल के आसपास जमा हो गई। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को घेर लिया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी।

गोदाम में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसी जगहों पर आग तेजी से फैलती है, इसलिए समय रहते कार्रवाई करना बेहद जरूरी होता है। राहत की बात यह रही कि आग की घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।

उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में विद्युत शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

आग की वजह से गोदाम में रखे लाखों रुपये के सामान के नुकसान की आशंका है। नुकसान का सटीक आकलन आग पूरी तरह बुझने और जांच पूरी होने के बाद किया जाएगा। गोदाम मालिक और कर्मचारियों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित विद्युत जांच, फायर अलार्म सिस्टम और पर्याप्त अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता ऐसी घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है।

फिलहाल दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने से पहले परिसर की विस्तृत जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।

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