कानपुर। कानपुर में लगातार हो रही बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश के कारण कई जगह सड़कें धंस गई हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। बिल्हौर क्षेत्र में बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ शहर की सड़कें, गलियां और जलनिकासी व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। अब तक कानपुर में कुल 689.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं।
लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। कहीं सड़क के किनारे की मिट्टी बह गई तो कहीं सड़क का हिस्सा धंस गया। इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। बारिश के पानी के साथ सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने से कई स्थानों पर गड्ढे और धंसे हुए हिस्से दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहले से कमजोर सड़कें अब और ज्यादा खराब हो रही हैं।
कानपुर के बिल्हौर इलाके में स्थिति और ज्यादा परेशान करने वाली रही। यहां बारिश का पानी निचले इलाकों में भरने के बाद कई घरों तक पहुंच गया। लोगों को घरों से पानी निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ा। गलियों में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई और कई परिवारों को जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर रखने की चिंता सताने लगी। जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
बारिश का असर केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है। शहर की प्रमुख सड़कों पर भी पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आए। लगातार बारिश के कारण नालों और नालियों पर भी दबाव बढ़ गया है। जिन इलाकों में जलनिकासी की व्यवस्था पहले से कमजोर है, वहां पानी लंबे समय तक जमा रहने की स्थिति बन रही है।
कानपुर में बारिश का असर अब UP T-20 लीग पर भी पड़ा है। लगातार बारिश और आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना को देखते हुए लीग के प्लेऑफ और फाइनल मुकाबलों को कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम से लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में शिफ्ट कर दिया गया है।
यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल ने यह फैसला खिलाड़ियों को बेहतर और सुरक्षित परिस्थितियां उपलब्ध कराने के लिए लिया है। लगातार बारिश के कारण ग्रीन पार्क की पिच और आउटफील्ड प्रभावित हो रही थी। ऐसे में निर्णायक मुकाबलों के दौरान मैच पूरे 20 ओवर तक कराना मुश्किल हो सकता था। आयोजकों के मुताबिक प्लेऑफ जैसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में सभी टीमों को बराबर और बेहतर परिस्थितियां मिलना जरूरी है।
अब लीग के प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले निर्धारित तारीखों पर ही लखनऊ में खेले जाएंगे। 3 सितंबर को क्वालीफायर-1 और एलिमिनेटर, 4 सितंबर को क्वालीफायर-2 और 6 सितंबर को फाइनल प्रस्तावित है। यानी बारिश के कारण कार्यक्रम की तारीखों में बदलाव नहीं किया गया है, केवल आयोजन स्थल बदला गया है।
आयोजकों ने बताया कि कानपुर में लगातार बारिश से मैचों में बार-बार व्यवधान पैदा हो रहा था। इससे खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव भी बढ़ रहा था। गीले मैदान पर खेलने से चोट का जोखिम भी बढ़ सकता है। यही वजह है कि निर्णायक मुकाबलों को ऐसे मैदान पर कराने का फैसला लिया गया जहां बारिश के बावजूद मैच कराने के लिए बेहतर जलनिकासी व्यवस्था उपलब्ध हो।
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में इससे पहले बारिश के दौरान भी मैचों को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ चरण में लगातार बारिश के बावजूद सभी 22 मुकाबले आयोजित किए गए और कोई मैच पूरी तरह बारिश की भेंट नहीं चढ़ा। कुछ मुकाबलों में बारिश के कारण ओवर कम करने पड़े और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नियम का इस्तेमाल किया गया, लेकिन ग्राउंड स्टाफ की तत्परता से मुकाबले पूरे कराए गए।
कानपुर में बारिश के चलते ग्रीन पार्क की पिच के व्यवहार पर भी असर पड़ने की चिंता सामने आई है। लगातार नमी रहने से पिच और आउटफील्ड की स्थिति बदल सकती है। ऐसे में प्लेऑफ और फाइनल जैसे मुकाबलों के लिए आयोजन स्थल बदलना आयोजकों के लिए जरूरी हो गया। लीग के बाकी बचे कुछ मैचों को लेकर मूल कार्यक्रम के अनुसार ग्रीन पार्क में आयोजन जारी रहने की जानकारी दी गई है।
बारिश ने शहर की सामान्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा दिया है। सड़कें धंसने और जलभराव की घटनाओं के बाद प्रशासन और नगर निकाय के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित इलाकों से पानी निकालने और क्षतिग्रस्त सड़कों को सुरक्षित बनाने की है। जिन सड़कों पर गड्ढे या धंसाव हुआ है, वहां तत्काल बैरिकेडिंग और मरम्मत नहीं होने पर हादसे का खतरा बना रह सकता है।
लगातार बारिश के कारण लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचना चाहिए, क्योंकि पानी के नीचे सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चलता। जहां सड़क धंसने या गड्ढे होने की सूचना हो, वहां से गुजरते समय विशेष सावधानी जरूरी है। बारिश के दौरान बिजली के खंभों, खुले तारों और पेड़ों के आसपास जाने से भी बचना चाहिए।
कानपुर में बारिश का यह दौर अब मौसम के साथ-साथ शहर की बुनियादी सुविधाओं और खेल आयोजनों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। एक ओर बिल्हौर जैसे इलाकों में पानी घरों तक पहुंचने से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश के कारण UP T-20 के सबसे महत्वपूर्ण मुकाबलों की मेजबानी भी कानपुर से छिन गई है। प्लेऑफ और फाइनल को लखनऊ स्थानांतरित करने का फैसला बताता है कि बारिश का असर अब सामान्य जनजीवन से आगे बढ़कर बड़े खेल आयोजन तक पहुंच चुका है।









