लखनऊ में सुबह से बारिश अगस्त में जून-जुलाई से ज्यादा बरसे बादल; 5 सितंबर तक अलर्ट

लखनऊ में सुबह से बारिश से मौसम सुहाना हुआ। अगस्त में जून-जुलाई से ज्यादा बारिश हुई। 5 सितंबर तक बारिश और मौसम अलर्ट को लेकर सतर्क रहने की सलाह है।
लखनऊ में सुबह से बारिश अगस्त में जून-जुलाई से ज्यादा बरसे बादल; 5 सितंबर तक अलर्ट
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार सुबह से मौसम ने करवट ली और शहर के कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के कारण लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से आवागमन भी प्रभावित हुआ। पिछले कुछ दिनों में लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बढ़ी है।

राजधानी में बारिश का असर सड़कों पर भी दिखाई दिया। कई जगह पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में जलनिकासी धीमी होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा हो गया। इससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। तेज बारिश के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई। इससे पहले अगस्त में भी लखनऊ में भारी बारिश के बाद जानकीपुरम, गोमतीनगर, अलीगंज, चिनहट, निरालानगर और ठाकुरगंज समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति सामने आ चुकी है।

बारिश का यह दौर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगस्त में राजधानी में बारिश की गतिविधि जून और जुलाई की तुलना में काफी बढ़ी। अगस्त के दौरान कई बार तेज बारिश हुई, जिससे सीजन की बारिश की कमी भी कम हुई। 16 अगस्त को लखनऊ में 24 घंटे के दौरान 40.9 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो उस समय मानसून सीजन की सबसे अधिक 24 घंटे की बारिश थी। शहर के अलग-अलग हिस्सों में इससे कहीं ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई थी। अलीगंज में 100 मिमी, हनुमान सेतु क्षेत्र में 80.6 मिमी, अंबेडकर पार्क में 81 मिमी और चिनहट में 78 मिमी बारिश दर्ज हुई थी।

लगातार बारिश के कारण राजधानी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। जहां बारिश से तापमान में राहत मिली है, वहीं जलभराव और खराब सड़कों ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है। कई इलाकों में नालियां और नाले भरने के बाद पानी सड़कों पर आने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। तेज बारिश के दौरान कुछ जगहों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका रहती है। मौसम विभाग ने बारिश के साथ गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली की संभावना को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां आगे भी बनी रह सकती हैं। लखनऊ में आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। राजधानी में बारिश का असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। इससे निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।

अगस्त में बारिश बढ़ने के बाद किसानों को भी राहत मिली है। लंबे समय तक बारिश कम होने की स्थिति में धान और खरीफ की दूसरी फसलों पर असर पड़ने की चिंता रहती है। अब मानसून की सक्रियता बढ़ने से खेतों में नमी की स्थिति बेहतर हुई है। हालांकि लगातार बहुत ज्यादा बारिश होने पर जलनिकासी की समस्या और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

लखनऊ में बारिश के दौरान सबसे बड़ी समस्या जलभराव की रहती है। अगस्त में हुई तेज बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गई थीं और कुछ स्थानों पर पानी घरों तक पहुंच गया था। अलीगंज, सीतापुर रोड, मड़ियांव, जानकीपुरम और गोमतीनगर सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की रिपोर्ट सामने आई थी। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक होने वाली बारिश के दौरान नगर निगम और संबंधित विभागों के सामने जलनिकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है। खासकर तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी से चलने और तेज रफ्तार से वाहन नहीं चलाने की जरूरत है। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने पर ऐसे रास्तों से निकलने से बचना बेहतर होगा।

राजधानी में बारिश का यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना के बीच मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी है। 5 सितंबर तक मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। लखनऊ में भी बादल छाने, बारिश होने और कुछ समय के लिए तेज बौछार पड़ने की संभावना बनी हुई है।

बारिश ने एक तरफ लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ शहर की जलनिकासी व्यवस्था की परीक्षा भी शुरू हो गई है। अगर तेज बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जलनिकासी पंप, नालों की सफाई और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।

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