करोड़पति की बहू बोली- ससुर को मार दो, 6 लाख दूंगी कानपुर में गजरा देने के बहाने नौकर को घर बुलाया, नाम बदलवाकर कराई एंट्री

कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बहू शालू पर ससुर की हत्या की साजिश का आरोप है। पुलिस के मुताबिक पुराने नौकर को 6 लाख की सुपारी दी गई।
करोड़पति की बहू बोली- ससुर को मार दो, 6 लाख दूंगी कानपुर में गजरा देने के बहाने नौकर को घर बुलाया, नाम बदलवाकर कराई एंट्री
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कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, जिस हत्या को शुरुआत में बाहर से आए बदमाशों की वारदात माना जा रहा था, उसकी साजिश कथित तौर पर कारोबारी की बहू शालू ने ही रची थी। आरोप है कि शालू ने अपने ससुर की हत्या के लिए पुराने नौकर विशाल को छह लाख रुपये की सुपारी देने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, उसने पहले ससुर को रास्ते से हटाने के लिए एक्सीडेंट कराने का विकल्प भी बताया था और बाद में सोते समय हत्या करने की योजना बनाई।

63 वर्षीय विनीत मिनोचा कानपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट स्थित अपने फ्लैट में रहते थे और लंबे समय से दवा कारोबार से जुड़े थे। छह सितंबर की सुबह उनका शव घर के बेडरूम में रक्तरंजित हालत में मिला था। शुरुआती जांच में मामला घर में घुसकर हत्या का नजर आ रहा था। अपार्टमेंट के कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो दो संदिग्ध युवक फ्लैट में जाते दिखाई दिए। जांच आगे बढ़ी तो उनमें से एक की पहचान विनीत के पुराने कर्मचारी विशाल गौतम के रूप में हुई। उसके साथ राजकिशोर भी था। दोनों को पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, हत्या की पूरी साजिश में पुराने नौकर की भूमिका अहम थी। विशाल पहले विनीत के घर काम कर चुका था और उसे करीब छह साल पहले चोरी के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद परिवार से उसका संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। यही पुराना परिचय कथित तौर पर साजिश में उसके इस्तेमाल का आधार बना। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि उसे घर की व्यवस्था, आने-जाने और फ्लैट की जानकारी पहले से थी।

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के लिए घर में प्रवेश की तैयारी पहले से की गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। सीसीटीवी फुटेज में दोनों युवक फ्लैट में दाखिल होते दिखाई दिए। उनके अंदर जाने के कुछ समय बाद विनीत घर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी काफी देर तक अंदर इंतजार करते रहे और कारोबारी के पहुंचने के बाद वारदात को अंजाम दिया। पूरी घटना को इस तरह अंजाम देने की कोशिश की गई कि बाहर के लोगों को किसी तरह का संदेह न हो।

पुलिस पूछताछ में शालू ने कथित तौर पर ससुर से विवाद और उनके व्यवहार को हत्या की साजिश की वजह बताया। पुलिस के मुताबिक, शालू का आरोप था कि विनीत घर के खर्चों को लेकर काफी रोक-टोक करते थे। घर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने और निजी जिंदगी में दखल को लेकर भी वह नाराज थी। उसने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि ससुर छोटी-छोटी बातों पर टोकते थे और कपड़े पहनने से लेकर बाहर जाने तक पर टिप्पणी करते थे। इसी नाराजगी के चलते उसने उन्हें रास्ते से हटाने का फैसला किया।

पूछताछ में सामने आई कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह है कि हत्या से पहले कथित तौर पर एक्सीडेंट कराने की बात हुई थी। पुलिस के मुताबिक, शालू ने विशाल से कहा था कि उसके ससुर की हत्या कर दो या ऐसा एक्सीडेंट करा दो जिससे उनकी मौत हो जाए। इसके बदले छह लाख रुपये देने की बात कही गई थी। जब विशाल ने एक्सीडेंट कराने में असहमति जताई तो हत्या के दूसरे तरीके पर चर्चा हुई।

पुलिस के अनुसार, शालू ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि जब विनीत कमरे में सो जाएं तो तकिए से उनका मुंह दबाकर हत्या कर दी जाए और बाद में इसे हार्ट अटैक जैसा दिखाया जाए। इस योजना का उद्देश्य हत्या को प्राकृतिक मौत का रूप देना बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस के मुताबिक मौके पर परिस्थितियां आरोपियों की योजना के अनुसार नहीं रहीं और आखिरकार चाकू से हमला किया गया।

वारदात के बाद सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी हत्या की गंभीरता को उजागर किया। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विनीत के गले और सीने पर चाकू से कई वार किए गए थे। अलग-अलग रिपोर्टों में घावों की संख्या 15 से ज्यादा और 26 से अधिक बताई गई है।

घटना वाली रात विनीत का बेटा और बहू घर से बाहर गए हुए थे। पुलिस के मुताबिक, बेटा सुब्रत और शालू अपने छह वर्षीय बेटे के साथ पार्टी में गए थे। इसी दौरान सीसीटीवी में दो संदिग्ध युवक फ्लैट में दाखिल होते दिखाई दिए। बाद में दोनों के बाहर निकलने की फुटेज भी मिली। यही फुटेज पुलिस की जांच में सबसे महत्वपूर्ण सुरागों में शामिल रही।

रिपोर्टों के अनुसार, परिवार के लौटने के बाद घर के अंदर विनीत का शव मिला। शुरुआती तौर पर परिवार के सदस्यों के लिए यह बेहद सदमे वाली स्थिति थी। पुलिस जांच के दौरान शालू से भी पूछताछ की गई। जैसे-जैसे सीसीटीवी फुटेज, गार्ड के बयान, कॉल डिटेल और आरोपियों से पूछताछ के तथ्य सामने आते गए, जांच परिवार के भीतर कथित साजिश की ओर मुड़ती गई।

पुलिस के अनुसार, शालू और विशाल के बीच घटना से पहले संपर्क था। कॉल डिटेल की जांच में दोनों के बीच बातचीत सामने आने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। इसी के आधार पर पुलिस ने दोनों के बीच संबंध और कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया। पुलिस का दावा है कि विशाल और उसके साथी राजकिशोर ने शालू के कहने पर वारदात को अंजाम दिया।

मामले में पुलिस ने विशाल और राजकिशोर को गिरफ्तार किया है। दोनों को पकड़ने के दौरान पुलिस मुठभेड़ की बात भी सामने आई है। इसके बाद शालू को भी गिरफ्तार कर लिया गया और उसे जेल भेजे जाने की जानकारी पुलिस से संबंधित रिपोर्टों में दी गई है। अब पुलिस हत्या की पूरी साजिश में अन्य संभावित भूमिकाओं और आर्थिक कारणों की भी जांच कर रही है।

इस हत्याकांड ने इसलिए भी लोगों को हैरान किया है क्योंकि घटना एक ऐसे अपार्टमेंट में हुई, जिसे अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था। परिसर में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर फ्लैट में प्रवेश किया और काफी देर तक अंदर छिपे रहे। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि आरोपियों को घर के अंदर की इतनी सटीक जानकारी कैसे मिली और उन्हें किस-किस व्यक्ति से मदद मिली थी।

इस मामले की जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे विवाद का है। पुलिस के अनुसार, शालू ने पूछताछ में निजता, खर्चों और ससुर की रोक-टोक से परेशान होने की बात कही है। हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की कार्यवाही में होगी। अभी ये बातें पुलिस के सामने आरोपी द्वारा दिए गए कथित बयानों और जांच में सामने आए तथ्यों का हिस्सा हैं।

घटना के बाद शालू की भूमिका पर पुलिस को शुरुआत में संदेह नहीं था। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच का रुख बदल गया। यही वजह है कि पुलिस अब इसे सिर्फ घर में घुसकर की गई हत्या नहीं, बल्कि कथित तौर पर पहले से तैयार की गई साजिश मानकर जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि छह लाख रुपये की सुपारी, पुराने नौकर की मदद, डुप्लीकेट चाबी और घर के अंदर इंतजार करने की योजना इस साजिश के प्रमुख हिस्से थे।

फिलहाल इस पूरे मामले में अदालत की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। पुलिस ने जिन आरोपों के आधार पर गिरफ्तारियां की हैं, उन्हें अदालत में साक्ष्यों के साथ साबित करना होगा। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों के बयानों को जोड़कर चार्जशीट की दिशा में आगे बढ़ेंगी। हत्या के पीछे बताए जा रहे पारिवारिक विवाद और छह लाख रुपये की कथित सुपारी को भी इसी जांच के दायरे में रखा गया है।

कानपुर के इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहा तनाव किस हद तक खतरनाक रूप ले सकता है। पुलिस के मुताबिक, यहां कथित तौर पर एक पारिवारिक विवाद ने हत्या की साजिश का रूप ले लिया। पुराने नौकर को छह लाख रुपये का लालच दिया गया, घर में प्रवेश की व्यवस्था की गई और कारोबारी की हत्या कर दी गई। अब पुलिस इस पूरी साजिश की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है और मामले का अंतिम सच अदालत की जांच और सुनवाई के बाद ही पूरी तरह सामने आएगा।

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