कर्नाटक में दो सड़क हादसों में 7 की मौत, तिरुपति से लौट रहे एक परिवार के 4 सदस्य भी शामिल

बेगंलुरु: कर्नाटक के कोलार और चिक्कबल्लापुर में दो सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में तिरुपति से लौट रहे एक परिवार के 4 सदस्य शामिल हैं।

कर्नाटक के कोलार और चिक्कबल्लापुर जिलों में हुए दो सड़क हादसों में सात लोगों की मौत हो गई। कोलार में तिरुपति से लौट रहे परिवार के चार सदस्य मारे गए, जबकि चिक्कबल्लापुर में मजदूरों को ले जा रही कार की टक्कर में तीन महिलाओं की जान गई।

बेंगलुरु: कर्नाटक के कोलार और चिक्कबल्लापुर जिलों में सोमवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में बेंगलुरु का एक परिवार भी शामिल है, जो तिरुपति मंदिर में दर्शन के बाद वापस लौट रहा था।

तिरुपति से लौट रहे परिवार की कार दुर्घटनाग्रस्त

पहला हादसा कोलार जिले के केजीएफ तालुक में डोड्डा कारी गांव के पास चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे पर हुआ। यहां तिरुपति से बेंगलुरु लौट रही एक कार कथित तौर पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई।

हादसे में कार में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शारदम्मा, दीक्षिता, देवेंद्र कुमार और जिष्णु के रूप में हुई है। वे सभी बेंगलुरु के विद्यारण्यपुरा इलाके के निवासी बताए गए हैं।

परिवार तिरुपति स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए गया था। दर्शन के बाद वे बेंगलुरु लौट रहे थे, तभी एक्सप्रेसवे पर यह हादसा हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई।

तीन घायल, अस्पताल में कराया गया भर्ती

कार में सवार तीन अन्य लोगों—विकास, नीतू और अद्विका—को हादसे में चोटें आईं। दुर्घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए बंगारपेट सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस ने हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतकों के शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया। इस मामले में बेथामंगला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

कुछ स्थानीय रिपोर्टों में दुर्घटना के कारण को लेकर अलग-अलग शुरुआती जानकारी सामने आई है। एक रिपोर्ट में वाहन के अनियंत्रित होने की बात कही गई है, जबकि स्थानीय पुलिस से जुड़ी एक अन्य रिपोर्ट में चालक के बयान के आधार पर अचानक सड़क पर आए कुत्ते से बचने के दौरान वाहन के नियंत्रण से बाहर होने की बात सामने आई। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की सटीक वजह स्पष्ट होगी।

चिक्कबल्लापुर में मजदूरों से भरी कार की टक्कर

दूसरा हादसा पड़ोसी चिक्कबल्लापुर जिले के शिदलगट्टा तालुक में कोथानूर गेट के पास हुआ। यहां कृषि मजदूरों को ले जा रही एक ओमनी कार की मिनी मालवाहक वाहन से टक्कर हो गई।

बताया गया कि ओमनी कार में मल्लिकार्जुनपुरा गांव के 10 मजदूर सवार थे। उन्हें फूल तोड़ने के काम के लिए हुजुगुरु गांव ले जाया जा रहा था। वाहन को रामचंद्रप्पा नाम का व्यक्ति चला रहा था।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों मृतक मल्लिकार्जुनपुरा गांव की रहने वाली थीं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की।

कई घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज

दूसरे हादसे में कई अन्य मजदूर घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल शिदलगट्टा तालुक अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।

पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में शिदलगट्टा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब टक्कर के कारणों और दोनों वाहनों की स्थिति की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय वाहन किस गति से चल रहे थे और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।

दो हादसों में सात लोगों की मौत

कर्नाटक में कुछ ही घंटों के अंतराल में हुई इन दो अलग-अलग दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कोलार हादसे में तिरुपति से लौट रहे एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गई, जबकि चिक्कबल्लापुर में खेतों में काम करने जा रहे मजदूरों में से तीन महिलाओं की मौत हो गई।

दोनों दुर्घटनाओं में कई लोग घायल हुए हैं और उनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।

चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को लेकर सवाल

कोलार में हुआ हादसा चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे पर हुआ, जो कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच महत्वपूर्ण सड़क संपर्क प्रदान करता है। इस मार्ग पर तेज गति और वाहनों के नियंत्रण से जुड़ी दुर्घटनाओं को लेकर पहले भी चिंताएं सामने आती रही हैं।

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, इस मार्ग के कुछ हिस्सों में पहले भी गंभीर दुर्घटनाएं हुई हैं। हालांकि, मौजूदा हादसे के मामले में यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि दुर्घटना का कारण सड़क की स्थिति थी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इसकी वजह स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस कर रही दोनों मामलों की जांच

पहले हादसे की जांच बेथामंगला पुलिस कर रही है, जबकि दूसरे मामले की जांच शिदलगट्टा ग्रामीण पुलिस के जिम्मे है। अधिकारियों ने दुर्घटनाओं से जुड़े वाहनों और घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों मामलों में दुर्घटना से ठीक पहले क्या हुआ था। साथ ही घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा होंगे।

इन दोनों दुर्घटनाओं ने एक बार फिर कर्नाटक में सड़क सुरक्षा, वाहन नियंत्रण और यात्रियों की सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है। एक हादसा धार्मिक यात्रा से लौट रहे परिवार के लिए त्रासदी में बदल गया, जबकि दूसरे में रोजी-रोटी के लिए काम पर जा रहे मजदूरों के परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।

Leave a comment