पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोपाल मठ इलाके में होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों पर छापेमारी की। जांच में कॉकरोच, बासी भोजन और घरेलू गैस सिलेंडर मिलने के बाद कई कारोबारियों पर जुर्माना लगाया गया और चेतावनी दी गई।
दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता संबंधी शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोपाल मठ इलाके में कई होटलों, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर छापेमारी की। जांच में मिठाई के गोदामों में कॉकरोच और खाद्य पदार्थों के पास गंदगी मिली, जबकि कुछ दुकानों में बासी भोजन और घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए।
शिकायतों के बाद प्रशासन ने की अचानक कार्रवाई
स्थानीय लोगों की ओर से लंबे समय से इलाके में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और कथित मिलावट को लेकर शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण और कार्रवाई का फैसला किया।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग, दुर्गापुर नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने गोपाल मठ इलाके में अचानक छापेमारी शुरू की। अधिकारियों के अचानक पहुंचने से कई दुकानदारों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने दुकानों के अलावा उन गोदामों की भी जांच की, जहां मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री को तैयार करने या रखने का काम किया जाता था। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के भंडारण और साफ-सफाई से जुड़े नियमों का भी निरीक्षण किया।
मिठाई के गोदामों में मिले कॉकरोच और कीड़े
छापेमारी के दौरान कुछ बड़ी मिठाई दुकानों के गोदामों में स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब पाई गई। अधिकारियों को खाद्य सामग्री के आसपास कॉकरोच और अन्य कीड़े दिखाई दिए।
खाद्य पदार्थों के पास इस तरह की गंदगी और कीड़ों की मौजूदगी खाद्य स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री को साफ और सुरक्षित वातावरण में रखने के बजाय कुछ स्थानों पर उन्हें ऐसे क्षेत्रों में रखा गया था, जहां संक्रमण का खतरा बना हुआ था।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य सामग्री के भंडारण और रख-रखाव में स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रेस्टोरेंट में बासी और खराब खाना मिला
जांच के दौरान कई होटलों और रेस्टोरेंट में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ जगहों पर पुराना और खराब हो चुका खाना रखा मिला।
कुछ प्रतिष्ठानों में बासी मोमोज भी पाए गए। आशंका जताई गई कि इन खाद्य पदार्थों को ग्राहकों को परोसा जा सकता था। हालांकि, प्रशासन की टीम ने समय रहते निरीक्षण कर ऐसी सामग्री को चिन्हित किया।
खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक उचित तापमान और स्वच्छ परिस्थितियों के बिना रखने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। खासकर तैयार भोजन के मामले में उचित भंडारण नहीं होने पर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा हो सकता है।
इसी वजह से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दुकानदारों और रेस्टोरेंट संचालकों को तैयार भोजन की गुणवत्ता, भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी।
घरेलू गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल पर भी सवाल
छापेमारी के दौरान कई दुकानों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर भी पाए गए। प्रशासन के अनुसार, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के बजाय कुछ प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल सुरक्षा और नियामकीय नियमों के तहत किया जाता है। ऐसे में घरेलू सिलेंडरों के कथित इस्तेमाल को लेकर भी प्रशासन ने कार्रवाई की।
अधिकारियों ने संबंधित कारोबारियों को नियमों का पालन करने और गैस के इस्तेमाल से जुड़े सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ प्रतिष्ठानों की संचालन व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की गई।
कई दुकानदारों पर मौके पर लगाया गया जुर्माना
नियमों और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने के बाद प्रशासन ने कई दुकानदारों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया। कार्रवाई के दौरान कारोबारियों और कर्मचारियों को खाद्य सामग्री की साफ-सफाई और रख-रखाव से जुड़े नियमों के बारे में भी बताया गया।
अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से जुड़े नियमों का उल्लंघन दोबारा पाया गया तो उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि केवल जुर्माना लगाना ही कार्रवाई का उद्देश्य नहीं है। कारोबारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहकों को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं।
खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन का सख्त रुख
दुर्गापुर में हुई इस कार्रवाई ने खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मिठाई की दुकानों, होटल और रेस्टोरेंट में बड़ी संख्या में लोग रोजाना भोजन करते हैं।
ऐसे में खाद्य पदार्थों के आसपास कीड़े, गंदगी या खराब भोजन की मौजूदगी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। प्रशासन ने इसी आधार पर दुकानदारों को खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण और बिक्री के दौरान निर्धारित मानकों का पालन करने की चेतावनी दी है।
अधिकारियों ने कहा कि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई और सुरक्षित खाद्य प्रबंधन को प्राथमिकता देनी होगी।
दूसरे इलाकों में भी जारी रहेगी जांच
प्रशासन ने संकेत दिया है कि दुर्गापुर के केवल गोपाल मठ इलाके तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में शहर के दूसरे इलाकों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा सकता है।
संयुक्त टीम की ओर से होटलों, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और खाद्य पदार्थों के भंडारण वाले स्थानों की जांच जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाना है।
कारोबारियों को नियमों का पालन करने की चेतावनी
प्रशासन की कार्रवाई के बाद कारोबारियों के लिए साफ संदेश है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही महंगी पड़ सकती है। दुकानदारों को खाद्य पदार्थों को सुरक्षित और साफ वातावरण में रखने, खराब या बासी सामग्री को ग्राहकों से दूर रखने और गैस के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन करने को कहा गया है।
गोपाल मठ में हुई छापेमारी के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद अब प्रशासन की नजर शहर के अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी है। आने वाले दिनों में होने वाली जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई से एक बार फिर यह मुद्दा सामने आया है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमित स्वच्छता निरीक्षण और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कितना जरूरी है।








