कासगंज में त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा पर सवाल, खुले में मिठाइयां और बार-बार इस्तेमाल हो रहा तेल

कासगंज में त्योहार से पहले खुले में मिठाइयां और बार-बार इस्तेमाल हो रहा तेल चिंता बढ़ा रहा है। विभाग ने 1,227 निरीक्षण और 317 छापे किए।

दीपावली और अन्य त्योहारों से पहले कासगंज में मिठाइयों की बिक्री बढ़ गई है। बाजार में खुले में रखी मिठाइयों और बार-बार इस्तेमाल किए जा रहे तेल को लेकर खाद्य गुणवत्ता व स्वच्छता पर सवाल उठ रहे हैं।

कासगंज: दीपावली और अन्य त्योहारों से पहले कासगंज के बाजारों में मिठाइयों और पकवानों की बिक्री तेज हो गई है। इसी बीच कई दुकानों पर खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर सवाल सामने आए हैं। स्थानीय पड़ताल में कुछ जगह मिठाइयां खुले में रखी मिलीं, जहां धूल और मक्खियों का खतरा नजर आया। वहीं, कुछ दुकानों पर पकवान बनाने में पुराने तेल के बार-बार इस्तेमाल की स्थिति भी सामने आई।

खुले में बिक रही मिठाइयों से स्वच्छता पर सवाल

त्योहारी सीजन में मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। दीपावली समेत अन्य त्योहारों को देखते हुए दुकानदारों ने बड़ी मात्रा में मिठाइयां और खाद्य पदार्थ तैयार करने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, बाजार में इनकी बिक्री के साथ स्वच्छता और गुणवत्ता से जुड़े सवाल भी सामने आ रहे हैं।

कासगंज शहर और आसपास के कस्बों में की गई पड़ताल के दौरान कुछ दुकानों पर मिठाइयां खुले में रखकर बेचते हुए दिखाई दीं। दुकानों के आसपास धूल और धुएं के बीच रखी मिठाइयों पर मक्खियां मंडराती नजर आईं। कई जगह खाद्य पदार्थों को ढककर रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखाई दिए।

त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण दुकानदार पहले से बड़ी मात्रा में माल तैयार करते हैं। ऐसे में मिठाई कितनी देर से रखी है और उसकी ताजगी कैसी है, यह ग्राहकों के लिए जानना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय ग्राहकों ने खाद्य पदार्थों को ढककर रखने और नियमित जांच की मांग की है।

कड़ाही में बार-बार इस्तेमाल हो रहा तेल

पकौड़ी और दूसरे तले हुए खाद्य पदार्थ तैयार करने वाली कुछ दुकानों पर एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल किए जाने की स्थिति भी सामने आई। लगातार गर्म किए जाने के कारण तेल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और उसका रंग भी बदल जाता है।

खाद्य सुरक्षा मानकों के मुताबिक खराब या अनुपयुक्त तेल का इस्तेमाल खाद्य पदार्थ तैयार करने में नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद लागत कम करने के लिए कुछ दुकानों पर तेल को बार-बार इस्तेमाल करने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

त्योहारी सीजन में पकवानों की बिक्री बढ़ने से ऐसे मामलों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ग्राहकों का कहना है कि दुकानों पर इस्तेमाल होने वाले तेल और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के आंकड़े

कासगंज में अप्रैल 2025 से सितंबर 2026 के बीच खाद्य सुरक्षा से संबंधित कार्रवाई के आंकड़े भी सामने आए हैं। इस अवधि में विभाग ने कुल 1,227 निरीक्षण किए और 317 छापे मारे।

इस दौरान खाद्य पदार्थों के 356 नमूने संग्रहित किए गए। इनमें से 338 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। जांच में 128 नमूने अघोमानक और 25 नमूने असुरक्षित पाए गए।

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए इन आंकड़ों के बीच बाजारों में निगरानी की जरूरत और बढ़ जाती है। खासकर खुले में रखी मिठाइयों, खाद्य सामग्री की स्वच्छता और इस्तेमाल किए जा रहे तेल की गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी है।

ग्राहकों ने की नियमित जांच की मांग

सोरों के मुहल्ला मढ़ई निवासी वासुदेव शुक्ला ने कहा कि त्योहार पर मिठाई खरीदना जरूरी होता है, लेकिन खुले में रखी मिठाइयों को देखकर उनकी गुणवत्ता को लेकर चिंता होती है। उन्होंने दुकानदारों से मिठाइयां ढककर रखने की मांग की।

कासगंज के ग्राहक आकाश तिवारी के मुताबिक, दुकानों पर मिठाइयों की बिक्री तो तेजी से हो रही है, लेकिन यह पता लगाना मुश्किल है कि मिठाई कब तैयार की गई और उसमें इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता कैसी है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग से नियमित जांच करने की मांग की है।

त्योहारी सीजन में बढ़ती बिक्री के बीच खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का मुद्दा सीधे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा है। ऐसे में दुकानदारों के साथ-साथ निगरानी एजेंसियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है, ताकि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ तय मानकों के अनुरूप रहें।

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