उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कलियर क्षेत्र में छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। बच्ची मंगलवार रात अचानक लापता हो गई थी। परिवार के लोग रातभर उसे आसपास के इलाकों में तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह बच्ची बदहवास हालत में मिली। इसके बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची का परिवार मूल रूप से बरेली का रहने वाला है और कलियर में हाजिरी देने के लिए आया हुआ था। परिवार के सदस्य यहां एक स्थान पर ठहरे हुए थे। मंगलवार रात बच्ची अचानक वहां से लापता हो गई। बच्ची के गायब होने की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों ने उसे आसपास के क्षेत्र में तलाशना शुरू किया। रात काफी देर तक खोजबीन के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद परिवार की चिंता बढ़ती गई।
परिजनों के अनुसार, बच्ची के अचानक गायब होने के बाद आसपास के स्थानों पर उसकी तलाश की गई। परिवार के लोग देर रात तक उसे खोजते रहे। सुबह बच्ची बदहवास हालत में मिली तो परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। उसकी स्थिति देखकर परिवार के लोगों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची की स्थिति तथा घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।
प्रारंभिक जानकारी में बच्ची के साथ दुष्कर्म की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस ने बच्ची को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मेडिकल जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्ची के बयान और चिकित्सकीय जांच को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्ची मंगलवार रात लापता होने के बाद किन परिस्थितियों में उस स्थान तक पहुंची, जहां वह बुधवार सुबह मिली। बच्ची के लापता होने से लेकर बरामद होने तक के घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।
घटना की जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कैमरों की रिकॉर्डिंग से बच्ची के लापता होने के बाद उसकी गतिविधियों और उसके आसपास मौजूद लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की पहचान के लिए पुलिस टीमों की ओर से आसपास के क्षेत्र में जांच की जा रही है।
पुलिस ने आरोपित की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्र में चेकिंग अभियान भी शुरू किया है। पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर जानकारी जुटा रही हैं और संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही हैं। घटना के बाद कलियर क्षेत्र में पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि मामले में जल्द से जल्द सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके।
हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के एसपी अभय सिंह ने बताया कि बच्ची की चिकित्सकीय जांच और उसके बयान के आधार पर मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। फिलहाल घटना से जुड़े किसी व्यक्ति के बारे में अंतिम रूप से जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है और पुलिस आरोपित की पहचान तथा गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
घटना के बाद कलियर क्षेत्र में लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है। धार्मिक स्थल पर आने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े किसी अन्य पहलू पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस का ध्यान बच्ची की सुरक्षा, चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कराने और घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचने पर है।
मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्ष जानकारी, बच्ची के बयान और चिकित्सकीय परीक्षण से मिलने वाले तथ्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्ची को वहां से किसने और किन परिस्थितियों में ले जाया था। घटना के हर चरण की जानकारी जुटाकर पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।
छोटी बच्ची के साथ हुई इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बच्ची की पहचान और उससे जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक न करना भी जरूरी है, ताकि उसकी निजता और सुरक्षा बनी रहे। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपित की तलाश की जा रही है।











