केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालकों के बीच मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है। घटना का कारण आपसी लेन-देन और घोड़ों के टकराने को बताया गया है।
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालकों के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। जांच में शामिल पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उनके खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने संबंधित लाइसेंस निरस्त करने की भी संस्तुति की है।
वायरल वीडियो के बाद हरकत में आई पुलिस
केदारनाथ पैदल मार्ग पर कुछ लोगों के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कई लोग लाठी-डंडों के साथ आपस में झगड़ते दिखाई दे रहे थे। घटना से यात्रा मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वहां से गुजर रहे श्रद्धालुओं में भी चिंता देखी गई।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद सोनप्रयाग कोतवाली और गौरीकुंड चौकी पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
पूछताछ में सामने आई विवाद की वजह
पुलिस ने घोड़ा पड़ाव क्षेत्र से पांच संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान सामने आया कि विवाद की शुरुआत आपसी लेन-देन और घोड़ों के टकराने को लेकर हुई थी। मामूली कहासुनी बाद में बढ़कर मारपीट तक पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि विवाद के दौरान वे एक-दूसरे से उलझ गए थे। घटना के कारण यात्रा मार्ग की शांति प्रभावित हुई और श्रद्धालुओं के आवागमन पर भी असर पड़ा।
पांच लोगों पर शांति भंग की कार्रवाई
गौरीकुंड पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि यात्रा मार्ग पर इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा और व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। इसलिए मामले में सख्त रुख अपनाया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश
प्रशासन ने घटना में शामिल सभी घोड़ा-खच्चर संचालकों के लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेज दी है। साथ ही जिन लोगों ने इन्हें काम पर रखा था, उन्हें भी सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में विवादित या अनुशासनहीन व्यक्तियों को रोजगार न दिया जाए।
केदारनाथ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में प्रशासन यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, अनुशासन और सुचारु संचालन बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।









