केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने IMF की AI रैंकिंग पर जताई नाराजगी, भारत को बताया लीडर्स की पहली लाइन में

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने IMF की AI रैंकिंग पर जताई नाराजगी, भारत को बताया लीडर्स की पहली लाइन में

IMF की नई AI तैयारी रैंकिंग में भारत को दूसरी कैटेगरी में रखने पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भारत एआई के एप्लिकेशन, मॉडल, चिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी जैसे पांचों स्तरों पर काम कर रहा है और वह वैश्विक एआई लीडर्स में शामिल है।

IMF AI Ranking 2025: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान जारी IMF की एआई तैयारी रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में भारत को अमेरिका, डेनमार्क और सिंगापुर से नीचे दूसरी श्रेणी में रखा गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत एआई के सभी प्रमुख स्तरों पर सक्रिय रूप से निवेश कर रहा है और उसे उभरता नहीं बल्कि अग्रणी एआई देशों के समूह में शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि भारत का फोकस व्यापक और दीर्घकालिक तकनीकी विकास पर है।

भारत एआई में पीछे नहीं, सबसे आगे

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने IMF की रैंकिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत एआई के पांच अहम स्तरों एप्लिकेशन, मॉडल, चिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी पर एक साथ काम कर रहा है। उनका कहना है कि यही पांच लेयर किसी भी देश की एआई ताकत तय करती हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि एप्लिकेशन लेयर पर भारत दुनिया के सबसे बड़े सेवा प्रदाताओं में शामिल है। कृषि, हेल्थकेयर, शिक्षा और गवर्नेंस जैसे सेक्टरों में एआई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल भारत को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान देता है।

IMF की रैंकिंग पर सरकार की आपत्ति

IMF ने अपनी नई रिपोर्ट में देशों को तीन वर्गों में बांटा है। बदलाव लाने वाले देश, केवल देखने वाले और बदलाव से अनजान देश। अमेरिका, डेनमार्क और सिंगापुर को टॉप कैटेगरी में रखा गया, जबकि भारत को सऊदी अरब जैसे उभरते बाजारों के साथ दूसरी कैटेगरी में रखा गया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत को दूसरी श्रेणी में रखना वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता। उन्होंने साफ कहा कि भारत किसी भी देश से पीछे नहीं है और एआई में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत का फोकस 5-लेयर एआई स्ट्रक्चर पर

मंत्री ने बताया कि भारत का एआई रोडमैप पांच लेयर पर आधारित है, जिसमें एप्लिकेशन से लेकर एनर्जी तक पूरी चेन को मजबूत किया जा रहा है। मॉडल लेयर में भारत ओपन-सोर्स और लोकलाइज्ड एआई मॉडल पर काम कर रहा है, जिससे भारतीय भाषाओं और जरूरतों के मुताबिक समाधान तैयार हो सकें।

वहीं चिप और कंप्यूट लेयर पर सरकार सब्सिडी के जरिए GPU एक्सेस बढ़ा रही है, ताकि स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों को सस्ता कंप्यूट मिल सके। डेटा सेंटर और न्यूक्लियर एनर्जी पर निवेश से भारत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को लंबे समय के लिए मजबूत आधार देने की योजना पर काम कर रहा है।

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