खाटूश्यामजी मंदिर में 23 अप्रैल को विशेष तिलक शृंगार और सेवा-पूजा के कारण 19 घंटे तक दर्शन बंद रहेंगे। 22 अप्रैल रात 10 बजे से 23 अप्रैल शाम 5 बजे तक पट बंद रहेंगे। इसके बाद दर्शन फिर शुरू होंगे।
सीकर: राजस्थान के सीकर स्थित बाबा खाटूश्यामजी मंदिर में 22 अप्रैल की रात से 23 अप्रैल की शाम तक भक्तों के दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। यह निर्णय बाबा श्याम के विशेष तिलक शृंगार और पारंपरिक सेवा-पूजा अनुष्ठानों के कारण लिया गया है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस अवधि में गर्भगृह और दर्शन व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी ताकि धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्ण और विधि-विधान के साथ संपन्न हो सकें।
कब से कब तक बंद रहेंगे दर्शन
मंदिर प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था 22 अप्रैल रात 10 बजे से बंद कर दी जाएगी और 23 अप्रैल शाम 5 बजे तक मंदिर के पट नहीं खुलेंगे।
इस तरह कुल लगभग 19 घंटे तक श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन नहीं कर पाएंगे। इसके बाद निर्धारित समय पर पुनः दर्शन शुरू कर दिए जाएंगे।
विशेष तिलक शृंगार और सेवा-पूजा का आयोजन
इस अवसर पर बाबा श्याम का विशेष तिलक शृंगार किया जाएगा, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें केवल पुजारी और अधिकृत सेवक ही शामिल रहेंगे।
मंदिर कमेटी की ओर से आधिकारिक सूचना
श्री श्याम मंदिर कमेटी ने इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह आयोजन हर वर्ष विशेष अवसरों पर किया जाता है और इस दौरान मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए यह अनुष्ठान भव्य रूप से संपन्न किया जाएगा।
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श्रद्धालुओं से की गई अपील
मंदिर प्रशासन ने देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखकर ही यात्रा की योजना बनाएं।
कमेटी ने कहा कि दर्शन बंद रहने की अवधि में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए भक्तों को पहले से जानकारी होना जरूरी है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि 23 अप्रैल शाम 5 बजे के बाद मंदिर के पट सामान्य रूप से खोल दिए जाएंगे और श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
खाटूश्यामजी मंदिर का धार्मिक महत्व
खाटूश्यामजी मंदिर देशभर में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर विशेष रूप से भगवान श्याम (बर्बरीक) की पूजा के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें कलियुग में शीश दान के कारण “श्याम बाबा” के रूप में पूजा जाता है।
हर वर्ष यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। खासकर कार्तिक और फाल्गुन मास में यहां विशाल मेलों का आयोजन होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
दर्शन व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन
मंदिर प्रशासन समय-समय पर विशेष पूजा और त्योहारों के दौरान दर्शन व्यवस्था को नियंत्रित करता है, ताकि धार्मिक अनुष्ठान सुचारू रूप से संपन्न हो सकें और भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।
ऐसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
धार्मिक परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक
विशेष तिलक शृंगार और सेवा-पूजा को खाटूश्यामजी मंदिर की परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है। यह आयोजन भक्तों की आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार की जाती है और इसमें शुद्धता एवं परंपरा का विशेष ध्यान रखा जाता है।










