झारखंड के कोडरमा जिले में चोरों ने चोरी की एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसने पूरे इलाके के लोगों को हैरान कर दिया है। जयनगर थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में बुधवार की देर रात चोर एक घर में घुसे और करीब चार लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात के साथ 10 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के दौरान चोरों ने घर में सो रहे 12 लोगों को उनके-अपने कमरों में बाहर से बंद कर दिया था, ताकि चोरी करते समय परिवार का कोई सदस्य बाहर निकलकर उन्हें देख या रोक न सके। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक डुमरी गांव में सतीश कुमार के घर में परिवार के कुल 12 सदस्य मौजूद थे। रात में सभी लोग खाना खाने के बाद अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। परिवार के लोगों को इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि इसी दौरान चोर घर में दाखिल हो चुके हैं। चोरों ने बेहद सावधानी से वारदात को अंजाम दिया और घर में मौजूद लोगों को किसी तरह की भनक नहीं लगने दी। चोरी के दौरान उन्होंने कमरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए, जिससे घर के लोग अपने कमरे से बाहर नहीं निकल सकें।
रात करीब 2:30 बजे परिवार के एक सदस्य की नींद खुली। उन्हें शौचालय जाने के लिए कमरे से बाहर निकलना था, लेकिन जब उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह बाहर से बंद मिला। पहले उन्हें लगा कि शायद दरवाजा किसी वजह से अटक गया है, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने परिवार के दूसरे सदस्य को फोन कर इसकी जानकारी दी। वहां से भी उन्हें यही जानकारी मिली कि कमरे का दरवाजा बाहर से बंद है। धीरे-धीरे परिवार के अन्य सदस्यों को फोन कर जगाया गया तो पता चला कि घर में मौजूद लगभग सभी लोगों के कमरे बाहर से बंद किए जा चुके हैं।
कमरों के दरवाजे बाहर से बंद मिलने के बाद परिवार के लोगों को चोरी की आशंका हुई। उन्हें समझ आ गया कि घर में कोई बाहरी व्यक्ति घुसा है और संभवत: चोरी की घटना को अंजाम दे रहा है। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने तत्काल आसपास रहने वाले पड़ोसियों को फोन किया और मदद के लिए बुलाया। पड़ोसियों को सूचना मिलने के बाद वे घर की ओर पहुंचे। पड़ोसियों के आने की आहट मिलते ही चोरों को भनक लग गई और वे मौके से फरार हो गए। इसके बाद पड़ोसियों ने घर के कमरों के बाहर लगे दरवाजे खोले और अंदर बंद परिवार के सभी सदस्यों को बाहर निकाला।
कमरों से बाहर निकलने के बाद परिवार के लोगों ने घर के उन हिस्सों की जांच की, जहां चोरी हुई थी। वहां सामान बिखरा पड़ा मिला। अलमारियों के ताले टूटे हुए थे और लॉकरों को भी नुकसान पहुंचाया गया था। गृहस्वामी के मुताबिक चोर करीब चार लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और 10 हजार रुपए नकद लेकर फरार हुए हैं। चोरी गए सामान की वास्तविक कीमत और पूरी सूची की जानकारी पुलिस जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना में सबसे चिंताजनक बात यह रही कि चोरों ने केवल घर में घुसकर सामान चोरी नहीं किया, बल्कि पहले परिवार के सदस्यों को कमरों में बाहर से बंद कर दिया। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोरों ने वारदात को काफी सतर्कता से अंजाम दिया। परिवार के लोगों के जाग जाने की स्थिति में उनके सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती थी। हालांकि पड़ोसियों के समय पर पहुंचने की वजह से चोर वहां ज्यादा देर तक नहीं रुक सके और चोरी के सामान के साथ भाग निकले।
घटना की सूचना मिलने के बाद जयनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से घटना के बारे में जानकारी ली और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। चोर किस रास्ते से घर में दाखिल हुए, किस रास्ते से बाहर निकले और वारदात में कितने लोग शामिल थे, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित सुराग जुटाने में लगी है।
डुमरी गांव में हुई इस वारदात के बाद आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरीके से चोरों ने घर में मौजूद लोगों को कमरे में बंद करने के बाद चोरी की, उससे साफ है कि अपराधी बेखौफ थे। रात के समय होने वाली चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों के बीच सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस वारदात के पीछे स्थानीय गिरोह का हाथ है या बाहर से आए चोरों ने घटना को अंजाम दिया।
कोडरमा जिले के अलग-अलग इलाकों में हाल के दिनों में चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं। सितंबर की शुरुआत में भी डोमचांच क्षेत्र के सरोनिया गांव में एक घर को निशाना बनाकर सोने-चांदी के जेवरात, करीब 10 हजार रुपए नकद और अन्य सामान चोरी किए जाने की खबर सामने आई थी। इसके अलावा कोडरमा थाना क्षेत्र के लाराबाद में एक ही रात तीन दुकानों को निशाना बनाए जाने की घटना भी सामने आई थी। इन घटनाओं के बीच डुमरी में परिवार के लोगों को कमरे में बंद कर चोरी किए जाने की वारदात ने पुलिस के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है।
फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और चोरों तक पहुंचने के लिए हर संभावित सुराग की जांच की जा रही है। परिवार के लोगों के बयान और घटनास्थल की स्थिति के आधार पर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोर किस तरह घर में दाखिल हुए और उन्होंने किन कमरों को निशाना बनाया। चोरी के दौरान परिवार के 12 लोगों को बाहर से बंद करने की घटना को देखते हुए पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि अपराधियों को घर की बनावट और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी की कितनी जानकारी थी।
घटना के बाद ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ी चिंता रात के समय घरों की सुरक्षा को लेकर है। ऐसी घटनाओं के बीच लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है। रात में घर के मुख्य दरवाजे और खिड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, आसपास संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पड़ोसियों और पुलिस को सूचना देना और किसी अनजान व्यक्ति पर नजर रखना जरूरी है। हालांकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को खुद पकड़ने या उससे भिड़ने के बजाय पुलिस को सूचना देना ज्यादा सुरक्षित है।
डुमरी गांव में हुई चोरी की इस वारदात में राहत की बात यह रही कि चोरों के मौके से भागने के बाद पड़ोसियों ने समय रहते घर के लोगों को कमरों से बाहर निकाल लिया। हालांकि परिवार के लिए रात की यह घटना बेहद डरावनी रही। लाखों रुपए के जेवरात और नकदी की चोरी से आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं घर के 12 लोगों को कमरों में बाहर से बंद किए जाने ने वारदात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। अब परिवार को पुलिस से चोरों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी हुए सामान की बरामदगी की उम्मीद है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की संभावना है।










