बिहार और झारखंड के बीच रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। पटना-गया रेलखंड पर पुनपुन और परसा बाजार के बीच स्थित ब्रिज नंबर-21 पर जलस्तर बढ़ने के कारण रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। मंगलवार यानी 8 सितंबर को राजेंद्रनगर टर्मिनल से हटिया जाने वाली 18625 एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग से चलेगी। इसी तरह हटिया से राजेंद्रनगर टर्मिनल लौटने वाली 18626 एक्सप्रेस का परिचालन भी बदले हुए रास्ते से किया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है।
रेलवे के अनुसार पुल संख्या-21 के आसपास पानी का स्तर बढ़ने के बाद पटना-गया रेलखंड के प्रभावित हिस्से पर ट्रेनों की आवाजाही को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण पहले भी इस रेलखंड की डाउन लाइन पर परिचालन प्रभावित किया जा चुका है। ऐसे में रेलवे किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने की व्यवस्था कर रहा है। यात्रियों को भी स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन के रूट और परिचालन की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
8 सितंबर को चलने वाली 18625 राजेंद्रनगर टर्मिनल-हटिया एक्सप्रेस अपने सामान्य पटना-गया-कोडरमा मार्ग के बजाय बख्तियारपुर लिंक, करनौती हॉल्ट, राजगीर, तिलैया जंक्शन, पहाड़पुर, बंधुआ, पटना जंक्शन, गया जंक्शन और कोडरमा जंक्शन होते हुए हटिया की ओर जाएगी। वापसी में 18626 हटिया-राजेंद्रनगर टर्मिनल एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी। इससे ट्रेन के नियमित मार्ग पर पड़ने वाले कुछ स्टेशनों के यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी।
पुल संख्या-21 पर पानी बढ़ने का असर केवल लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों पर ही नहीं पड़ा है, बल्कि स्थानीय और दैनिक यात्रियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। रेलवे ने अलग-अलग परिचालन संबंधी कारणों से कुछ मेमू ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया है। 8 सितंबर को 13503/13504 बर्दमान-हटिया-बर्दमान मेमू ट्रेन का आंशिक समापन और प्रारंभ गोमो स्टेशन से किया जाएगा। यानी यह मेमू ट्रेन अपने पूरे निर्धारित रूट पर नहीं चलेगी और गोमो से ही वापस लौटेगी।
इस बदलाव का सीधा असर बोकारो, गोमो और आसपास के स्टेशनों से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। खासकर वे यात्री जो हटिया, रांची, बर्दमान या बीच के स्टेशनों तक जाने के लिए मेमू और एक्सप्रेस ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी होगा। रेलवे परिचालन में अचानक हुए बदलाव के कारण स्टेशन पर पहुंचने के बाद यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए समय से पहले जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
दरअसल, पटना-गया रेलखंड पर पुनपुन नदी के बढ़े जलस्तर के कारण पिछले कुछ दिनों से रेल परिचालन लगातार प्रभावित हो रहा है। 4 सितंबर की रात से ही पुनपुन और परसा बाजार के बीच स्थित ब्रिज नंबर-21 के पास पानी का दबाव बढ़ने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से डाउन लाइन पर परिचालन रोकने और कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट करने के फैसले लिए गए।
पिछले दिनों रेलवे ने पूर्णिया कोर्ट-हटिया और हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया था। इसी तरह धनबाद-पटना गंगा दामोदर एक्सप्रेस को भी वैकल्पिक रास्ते से चलाया गया। गंगा दामोदर एक्सप्रेस को नियमित धनबाद-गया-पटना मार्ग के बजाय गोमो, कोडरमा, बंधुआ, पैमार, तिलैया, इस्लामपुर और फतुहा होते हुए पटना भेजा गया था। इससे साफ है कि जलस्तर बढ़ने के कारण पटना-गया रूट पर रेल परिचालन को सामान्य रखने के लिए रेलवे लगातार वैकल्पिक व्यवस्था कर रहा है।
रेलवे की ओर से पहले भी स्पष्ट किया गया है कि पुल और रेल लाइन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। जब किसी पुल के आसपास पानी का स्तर बढ़ता है तो रेल पटरियों, पुल के गार्डर और आसपास के रेल ढांचे पर पानी के दबाव की निगरानी जरूरी हो जाती है। ऐसे में ट्रेनों को दूसरे रास्ते से चलाना यात्रियों को असुविधा देने वाला जरूर है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से इसे जरूरी कदम माना जा रहा है।
इस पूरे बदलाव का असर उन यात्रियों पर भी पड़ सकता है, जिन्होंने पहले से राजेंद्रनगर टर्मिनल से हटिया या हटिया से राजेंद्रनगर की यात्रा की योजना बना रखी है। परिवर्तित मार्ग के कारण ट्रेन के कुछ स्टेशनों पर पहुंचने का क्रम बदल सकता है और यात्रा समय भी सामान्य से अधिक हो सकता है। इसलिए यात्रियों को रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन के अपडेट की जानकारी लेने के साथ यह भी देखना चाहिए कि उनकी यात्रा वाले दिन ट्रेन किस मार्ग से चलाई जा रही है।
बोकारो क्षेत्र के यात्रियों के लिए 13503/13504 बर्दमान-हटिया-बर्दमान मेमू का गोमो तक सीमित होना खास तौर पर महत्वपूर्ण है। इस ट्रेन से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक साधन या दूसरी ट्रेन का विकल्प देखना पड़ सकता है। रेलवे की ओर से जारी परिचालन बदलाव के मुताबिक 8 सितंबर को इस ट्रेन का आंशिक समापन और प्रारंभ गोमो स्टेशन से ही किया जाएगा।
फिलहाल रेलवे की नजर ब्रिज नंबर-21 के जलस्तर और रेलखंड की स्थिति पर बनी हुई है। जलस्तर कम होने और पुल की सुरक्षा जांच के बाद ही प्रभावित मार्ग पर सामान्य परिचालन बहाल होने की स्थिति बनेगी। इससे पहले भी रेलवे ने पानी घटने और पुल की स्थिति की जांच के बाद ही नियमित परिचालन बहाल करने की बात कही थी। इसलिए यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि वे केवल पुराने टाइम टेबल या पूर्व निर्धारित रूट के आधार पर यात्रा की योजना न बनाएं, बल्कि यात्रा के दिन की ताजा स्थिति जरूर जांच लें।
बाढ़ और बढ़ते जलस्तर के बीच रेलवे लगातार परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। कई ट्रेनों को रद्द करने के बजाय वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है, ताकि यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित न हो। हालांकि बदले हुए रूट के कारण यात्रा लंबी हो सकती है और कुछ स्टेशनों पर यात्रियों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पाएगी। ऐसे में यात्रियों को धैर्य रखने और रेलवे की ताजा सूचना के अनुसार ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल 8 सितंबर के लिए राजेंद्रनगर टर्मिनल-हटिया एक्सप्रेस और हटिया-राजेंद्रनगर टर्मिनल एक्सप्रेस का रूट बदला गया है, जबकि 13503/13504 बर्दमान-हटिया-बर्दमान मेमू का परिचालन गोमो तक सीमित किया गया है। ब्रिज नंबर-21 पर पानी का स्तर बढ़ने के कारण उठाए गए इन कदमों का उद्देश्य रेल परिचालन को सुरक्षित रखना है। यात्रियों को ट्रेन पकड़ने से पहले अपने संबंधित स्टेशन और रेलवे के ताजा अपडेट से जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए, ताकि बदले हुए रूट या आंशिक परिचालन के कारण उन्हें रास्ते में परेशानी का सामना न करना पड़े।










