भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी ने इस महीने साइप्रस में होने वाले प्रतिष्ठित फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 से नाम वापस लेने का निर्णय लिया है। हंपी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और मेजबान देश की सुरक्षा स्थिति को लेकर अपनी चिंता जताई थी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: कोनेरू हंपी इस महीने साइप्रस में होने वाले प्रतिष्ठित कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगी। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच मेजबान देश में सुरक्षा की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी और अब उन्होंने इस टूर्नामेंट से नाम वापस लेने का फैसला किया। हंपी ने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की और लिखा, बहुत सोचने के बाद मैंने फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से हटने का मुश्किल फैसला लिया है। हंपी की जगह यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक को इस टूर्नामेंट में शामिल किया गया है।
हंपी ने कैंडिडेट्स से हटने का किया ऐलान
कोनेरू हंपी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "बहुत सोचने के बाद मैंने फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से हटने का मुश्किल फैसला लिया है। मुझे उम्मीद है कि यह निर्णय समझा जाएगा।" हंपी की जगह अब यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक को शामिल किया गया है। हंपी ने अपने बयान में सुरक्षा के साथ-साथ व्यक्तिगत भावना भी साझा की:
'मुझे पता है कि मैं अकेले शायद कुछ भी नहीं बदल सकती। लेकिन चाहे मैं कैंडिडेट्स में खेलूं या नहीं, मुझे लगता है कि जो मैं महसूस करती हूं उसे जाहिर करना जरूरी है।'
उन्होंने अपने समर्थकों को धन्यवाद भी दिया और उन लोगों से दूरी बनाई जो इस स्थिति की संवेदनशीलता को नहीं समझ पा रहे।
28 मार्च से शुरू हो रहा टूर्नामेंट

फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट इस साल 28 मार्च से साइप्रस में आयोजित होगा। यह टूर्नामेंट विश्व महिला शतरंज चैंपियनशिप में चुनौती पेश करने के लिए क्वालीफिकेशन का मुख्य मंच है।
- पुरुष वर्ग: भारत के डी गुकेश
- महिला वर्ग: चीन की जू वेनजुन
महिला वर्ग में कोनेरू हंपी की अनुपस्थिति के बाद यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक शामिल होंगी। टूर्नामेंट में कुल आठ शीर्ष महिला ग्रैंडमास्टर हिस्सा लेंगी। कोनेरू हंपी ने पहले भी सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। उन्होंने लिखा था, मुझे सुरक्षा की चिंता है क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव जारी है। मुझे नहीं लगता कि मेरी उपस्थिति से कुछ भी बदल जाएगा, लेकिन अपने विचार साझा करना जरूरी है।
हंपी की चिंता खासतौर पर इस बात से जुड़ी है कि साइप्रस के नजदीकी क्षेत्रों में राजनीतिक अस्थिरता है। हालांकि, हंपी ने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय व्यक्तिगत और सुरक्षा कारणों से लिया गया है, न कि टूर्नामेंट के प्रति कोई असंतोष जताने के लिए।
फिडे की प्रतिक्रिया
फिडे (FIDE) के सीईओ एमिल सुतोवस्की ने हंपी की सुरक्षा चिंताओं को खारिज किया। उन्होंने कहा, "साइप्रस में कोई ऐसा खतरा नहीं है जो टूर्नामेंट की मेजबानी को प्रभावित करे। हमारी तैयारियां पूरी हैं और हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। साइप्रस कोई युद्ध क्षेत्र नहीं है और यह सीधे तौर पर किसी संघर्ष में शामिल नहीं है। सुतोवस्की ने यह भी कहा कि टूर्नामेंट की तैयारियों के अंतिम चरण में सभी उपाय किए गए हैं ताकि खिलाड़ियों और आयोजकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।








