प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों के खिलाफ बच्चों के साथ कुकर्म का मामला झूंसी थाने में दर्ज किया गया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी है।
UP News: प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित चार लोगों के खिलाफ बच्चों के साथ कुकर्म के आरोप में कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दायर अर्जी पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि माघ मेले के दौरान नाबालिग लड़कों का शोषण किया गया। झूंसी पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब तथ्यों, बयान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
कोर्ट ने पुलिस को दी थी कार्रवाई के आदेश
इससे पहले शनिवार को जिला अदालत के पाक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को आदेश दिया कि वे अभियोग पंजीकृत कर मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र विवेचना करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान पीड़ितों की पहचान और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जाए। न्यायालय ने मामले की तेजी से जांच करने और सभी साक्ष्यों का उचित संकलन करने के निर्देश दिए।
आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी
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आशुतोष ब्रह्मचारी ने पिछले माह कोर्ट में अर्जी दी थी। अर्जी में आरोप लगाया गया कि माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ने नाबालिग लड़कों का शोषण किया। अदालत में पीड़ित बच्चों के बयान भी दर्ज कराए गए थे। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
महाकुंभ में भी लगे थे आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर पहले भी महाकुंभ 2025 के दौरान दो किशोरों के साथ कुकर्म का आरोप लगाया गया था। झूंसी थाने में दर्ज नई एफआइआर में यह तथ्य भी शामिल किया गया है। इस एफआइआर में कहा गया है कि महाकुंभ मेला क्षेत्र में नाबालिग लड़कों के साथ गलत कार्य किए गए।
गुरु सेवा का बनाया जाता था दबाव
जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़कों पर गुरु की सेवा करने का दबाव डाला जाता था। उन्हें कहा जाता था कि गुरु सेवा करने से आशीर्वाद मिलेगा। कई बार धार्मिक आस्था का उपयोग करके लड़कों के साथ गलत काम किया जाता था। माघ मेला में शिविर और उसके बाहर खड़ी गाड़ी में भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के द्वारा लड़कों के साथ अनुचित कृत्य करने का आरोप है।
जांच में आगे की कार्रवाई
झूंसी पुलिस अब एफआइआर दर्ज होने के बाद मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान संकलित किए जाएंगे। जांच निष्पक्ष और स्वतंत्र ढंग से होगी ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।










