कोटा में CM भजनलाल का रोड शो, दिलावर का गुंजल पर हमला; निर्दलीयों को लेकर भी दिया बयान

कोटा निकाय चुनाव में CM भजनलाल शर्मा रोड शो करेंगे। मंत्री मदन दिलावर ने प्रहलाद गुंजल और निर्दलीय प्रत्याशियों पर निशाना साधा, जबकि वार्ड-33 में विरोध सामने

राजस्थान निकाय चुनाव के बीच कोटा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को सभा और रोड शो करेंगे। इससे पहले मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल पर भाजपा में लौटने की कोशिश का आरोप लगाया और निर्दलीय प्रत्याशियों को लेकर विवादित बयान दिया।

कोटा: राजस्थान में नगर निगम चुनाव के प्रचार के बीच कोटा की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को कोटा में चुनावी सभा और रोड शो करेंगे। मुख्यमंत्री का दोपहर करीब 2 बजे कैथूनीपोल थाने के सामने आम सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद वे कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के करीब 5-6 वार्डों में रोड शो करेंगे। मुख्यमंत्री के कोटा दौरे को भाजपा के नगर निगम चुनाव प्रचार अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले नगर निगम चुनाव में कोटा उत्तर के 70 वार्डों में भाजपा को केवल 14 सीटों पर जीत मिली थी। ऐसे में इस बार पार्टी का लक्ष्य अपने प्रदर्शन में सुधार करना है।

धारीवाल के चुनाव प्रचार से दूरी पर चर्चा

कोटा उत्तर से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल भी निकाय चुनाव के दौरान चर्चा में हैं। वह अब तक चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए थे। चुनाव के दौरान उनका शहर से बाहर रहना भाजपा और कांग्रेस, दोनों खेमों में चर्चा का विषय बना रहा।

धारीवाल रविवार शाम को कोटा लौटे। उनके लौटने के बाद कांग्रेस के चुनाव अभियान में उनकी भूमिका को लेकर भी राजनीतिक हलकों में नजर बनी हुई है।

मदन दिलावर ने निर्दलीय प्रत्याशियों पर साधा निशाना

इधर, रामगंज मंडी में चुनाव प्रचार के दौरान राजस्थान के मंत्री मदन दिलावर ने निर्दलीय प्रत्याशियों और दल बदलने वाले नेताओं को लेकर तीखी टिप्पणी की।

उन्होंने मतदाताओं से दल बदलने वाले लोगों को वोट नहीं देने की अपील की। दिलावर ने कहा कि रामगंज मंडी के लोग अच्छे और ईमानदार लोगों को चुनते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में कई निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं और किसी तरह जीतने के बाद आर्थिक लाभ के लिए अपना समर्थन बदल सकते हैं।

दिलावर ने दावा किया कि कुछ निर्दलीय प्रत्याशी जीतने के बाद 10-20 लाख रुपये लेकर बिक जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उम्मीदवारों को वोट देने से कोई फायदा नहीं होगा।

उनके इस बयान के बाद स्थानीय निकाय चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

प्रहलाद गुंजल को लेकर दिलावर का बड़ा दावा

मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि गुंजल पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ रहे हैं और अब भाजपा में आने की कोशिश कर रहे हैं।

दिलावर ने कहा कि भाजपा ऐसे लोगों को वापस नहीं लेगी, जिन्हें वह ‘बिकाऊ’ मानते हैं। उन्होंने भाजपा को श्रेष्ठ और ईमानदार लोगों की पार्टी बताया।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब राजस्थान में निकाय चुनाव के दौरान कई क्षेत्रों में स्थानीय राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। हालांकि, गुंजल की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया का उल्लेख इस रिपोर्ट में नहीं है।

कोटा में भाजपा के सामने प्रदर्शन सुधारने की चुनौती

कोटा उत्तर नगर निगम क्षेत्र में भाजपा के लिए इस बार प्रदर्शन सुधारना बड़ी चुनौती है। पिछले चुनाव में 70 वार्डों में पार्टी केवल 14 वार्ड जीत पाई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री का रोड शो पार्टी के स्थानीय उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

भाजपा को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की सभा और रोड शो से पार्टी प्रत्याशियों को चुनावी लाभ मिल सकता है। वहीं कांग्रेस भी अपने स्थानीय संगठन और नेताओं के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।

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वार्ड-33 में भाजपा प्रत्याशी को समर्थकों की नाराजगी का सामना

चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा को कुछ स्थानीय स्तर पर विरोध और नाराजगी का भी सामना करना पड़ रहा है। वार्ड-33 के भाजपा प्रत्याशी ओम खटाना को जनसंपर्क अभियान के दौरान अपने ही समर्थकों के कड़े सवालों का सामना करना पड़ा।

इस दौरान विकास कार्यों को लेकर समर्थकों और प्रत्याशी के बीच तीखी बहस का वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक महिला ने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि वे कट्टर भाजपा समर्थक हैं, लेकिन इलाके में काम नहीं होने से नाराज हैं।

महिला ने प्रत्याशी से सवाल किया कि यदि उन्हें लगता है कि वे वैसे भी चुनाव जीत जाएंगे और लोगों की नाराजगी से फर्क नहीं पड़ता, तो फिर वे मतदाताओं के बीच क्यों आए हैं।

महिला ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध भाजपा से नहीं, बल्कि क्षेत्र में काम नहीं होने से है।

पेट्रोल की कीमत पर प्रत्याशी का बयान चर्चा में

विवाद के दौरान भाजपा प्रत्याशी ओम खटाना ने हाड़ौती भाषा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यदि पेट्रोल 200 रुपये लीटर भी हो जाए, लोगों को गड्ढों में चलना पड़े या नदी में तैरकर जाना पड़े, तब भी भाजपा का विरोध नहीं किया जाएगा।

उनका यह कथित बयान भी अब चुनावी चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पार्टी समर्थकों और विकास कार्यों को लेकर मतदाताओं की नाराजगी की चर्चा तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री के रोड शो पर टिकी नजर

कोटा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मंगलवार का कार्यक्रम भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आम सभा के बाद मुख्यमंत्री कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के 5-6 वार्डों में रोड शो करेंगे। पार्टी की कोशिश स्थानीय उम्मीदवारों के समर्थन में अधिक से अधिक मतदाताओं को जोड़ने की होगी।

दूसरी ओर, कांग्रेस के सामने पिछले चुनावी प्रदर्शन को बनाए रखने या उसमें सुधार करने की चुनौती है। शांति धारीवाल की चुनावी सक्रियता और स्थानीय कांग्रेस संगठन की भूमिका भी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दे अहम

कोटा नगर निगम चुनाव में स्थानीय विकास, सड़क, सफाई, बुनियादी सुविधाएं और जनप्रतिनिधियों की उपलब्धता जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। वार्ड-33 में सामने आए विरोध के वीडियो से भी संकेत मिलता है कि मतदाता राजनीतिक पहचान के साथ स्थानीय कामकाज को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

वहीं भाजपा नेताओं के बयानों से चुनावी मुकाबले में दल-बदल, निर्दलीय उम्मीदवार और राजनीतिक निष्ठा जैसे मुद्दे भी प्रमुख होते दिख रहे हैं।

मुख्यमंत्री के रोड शो, कांग्रेस नेताओं की सक्रियता और निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी के बीच कोटा में निकाय चुनाव का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अब चुनाव परिणाम ही बताएंगे कि भाजपा अपने पिछले प्रदर्शन में कितना सुधार कर पाती है और कांग्रेस स्थानीय स्तर पर कितनी मजबूत चुनौती पेश करती है।

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