कोटा स्टेशन पर दयोदय एक्सप्रेस के AC कोच में सांप की सूचना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। करीब दो घंटे बाद जांच में सांप रबर का खिलौना निकला, जो एक बच्चे से गिर गया था।
Rajasthan: रविवार रात कोटा रेलवे स्टेशन पर उस समय यात्रियों में हड़कंप मच गया, जब दयोदय एक्सप्रेस के AC कोच में सांप होने की सूचना फैली। ट्रेन अजमेर से जबलपुर जा रही थी और कोटा स्टेशन पहुंचने से पहले ही यह खबर फैल गई।
जैसे ही यात्रियों को कोच में सांप होने की जानकारी मिली, लोग डर के कारण अपनी सीट छोड़ने लगे और ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्री करीब दो घंटे तक दहशत में रहे। कुछ यात्रियों ने इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्नेक कैचर को दी, जिसके बाद प्रशासन सतर्क हो गया।
स्नेक कैचर और RPF ने की जांच
सूचना मिलने पर प्रसिद्ध स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को बुलाया गया। गोविंद शर्मा ने बताया कि उन्हें शाम करीब 7 बजे ट्रेन में सांप होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे सीधे कोटा स्टेशन पहुंचे। घटना रात करीब 10 बजे प्लेटफॉर्म संख्या 4 की बताई जा रही है।

ट्रेन के कोटा स्टेशन पहुंचते ही RPF के जवानों और स्नेक कैचर ने AC कोच की तलाशी शुरू की। सबसे पहले AC कोच 1 और 2 में करीब 10 मिनट तक बारीकी से जांच की गई, लेकिन वहां कोई सांप नहीं मिला।
तलाशी के दौरान सामने आया सच
जांच के दौरान जब यात्रियों से पूछताछ की गई, तो एक बच्चे के पास करीब डेढ़ फीट लंबा रबर का नकली सांप मिला। बच्चे के परिजनों ने बताया कि वह खेलते समय सांप के खिलौने से खेल रहा था, जो उसके हाथ से फिसलकर सीट के नीचे गिर गया।
इसी दौरान किसी यात्री की नजर उस पर पड़ी और उसने उसे असली सांप समझ लिया। डर के कारण यात्री ने शोर मचा दिया, जिससे पूरी ट्रेन में सांप होने की अफवाह फैल गई।
यात्रियों को मिली राहत
गोविंद शर्मा ने बताया कि RPF के जवान पहले ही सवाई माधोपुर से कोटा के बीच ट्रेन में गश्त कर रहे थे और सांप की तलाश की जा रही थी। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने कोटा स्टेशन पर अतिरिक्त इंतजाम भी कर रखे थे। दोनों AC कोच की पूरी तरह से तलाशी लेने के बाद यह साफ हो गया कि ट्रेन में कोई असली सांप नहीं था।
इसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली और ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना कर दिया गया। इस घटना ने कुछ समय के लिए यात्रियों को डरा जरूर दिया, लेकिन अंत में मामला केवल एक खिलौने की गलतफहमी साबित हुआ।











