फेसबुक ने क्रिएटर्स के ओरिजिनल कंटेंट की सुरक्षा के लिए नए टूल और अपडेटेड गाइडलाइंस पेश किए हैं। अब क्रिएटर्स एक सेंट्रलाइज्ड डैशबोर्ड से कॉपी या इम्पर्सोनेशन कंटेंट की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। मेटा का लक्ष्य प्लेटफॉर्म पर कॉपी-पेस्ट और AI जनरेटेड कंटेंट को नियंत्रित करना और क्रिएटर्स के अधिकार सुरक्षित रखना है।
Facebook Content Protection Update: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने क्रिएटर्स के ओरिजिनल कंटेंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए टूल और अपडेटेड गाइडलाइंस भारत समेत दुनियाभर में पेश किए हैं। सोमवार, 16 मार्च 2026 से लागू इन सुविधाओं के तहत क्रिएटर्स अब एक सेंट्रलाइज्ड डैशबोर्ड के जरिए आसानी से किसी भी कॉपी या इम्पर्सोनेशन कंटेंट की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। मेटा के अनुसार यह कदम प्लेटफॉर्म पर बढ़ते कॉपी-पेस्ट और AI जनरेटेड स्पैम को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है और क्रिएटर्स को उनका अधिकार सुरक्षित रखने में मदद करेगा।
ओरिजिनल कंटेंट की नई परिभाषा
फेसबुक ने अपनी कंटेंट पॉलिसी में भी संशोधन किया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-सा कंटेंट ओरिजिनल माना जाएगा। अब सीधे क्रिएटर्स द्वारा शूट या प्रोड्यूस किया गया कंटेंट, और ऐसे रील्स या वीडियो जो किसी अन्य सामग्री का रीमिक्स करके नया विश्लेषण या अतिरिक्त जानकारी प्रदान करते हैं, ओरिजिनल श्रेणी में शामिल होंगे।
इस अपडेट का मकसद क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म पर कॉपी-पेस्ट सामग्री को कम करना है। मेटा ने कहा कि यह बदलाव कंटेंट क्रिएशन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाएगा।

AI और डीपफेक चुनौतियां
हालांकि नए टूल डुप्लिकेट कंटेंट को पहचानने में सक्षम हैं, लेकिन AI जनरेटेड डीपफेक और नकली वीडियो की पूरी पहचान अभी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। किसी क्रिएटर की पहचान का दुरुपयोग करने वाले डीपफेक वीडियो पर फिलहाल पूरी तरह कार्रवाई करना मुश्किल है।
सोशल मीडिया पर बढ़ते AI कंटेंट और स्पैम को देखते हुए मेटा ने यह कदम उठाया है। कंपनी का उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं के लिए भरोसेमंद और ओरिजिनल सामग्री सुनिश्चित करना है।
फेसबुक मार्केटप्लेस में नया AI फीचर
फेसबुक मार्केटप्लेस में भी एक नया AI फीचर लॉन्च किया गया है। अब सेलर्स और बिजनेस मेटा AI की मदद से ग्राहकों के सवालों का तुरंत जवाब दे सकते हैं। यह फीचर प्रोडक्ट की कीमत, उपलब्धता और पिकअप लोकेशन जैसी जानकारी प्रदान करता है, जिससे खरीद-बिक्री का अनुभव और सहज हो जाएगा।
इस सुविधा से ग्राहकों को तेजी से जानकारी मिलेगी और सेलर्स को लगातार पूछे जाने वाले सवालों का जवाब देने में आसानी होगी।









