क्रेडिट कार्ड स्कैम: अर्चना पूरन सिंह के बेटे से ₹87,000 की ठगी, ‘फ्री ट्रायल’ बना जाल

अर्चना पूरन सिंह के बेटे आयुष्मान सेठी से फ्री ट्रायल के नाम पर 87 हजार की ठगी हुई। क्रेडिट कार्ड से बिना अनुमति पैसे कटे, कंपनी से संपर्क मुश्किल रहा।

Archana Puran Singh के बेटे Ayushmaan Sethi से फ्री ट्रायल के नाम पर ₹87 हजार की ठगी हुई। क्रेडिट कार्ड से बिना जानकारी पैसे कटे, परिवार ने कार्ड ब्लॉक और पेमेंट रिवर्स करने की सलाह दी।

बॉलीवुड: डिजिटल युग में ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन और फ्री ट्रायल ऑफर्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन इनके साथ जुड़े जोखिम भी लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें टीवी एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह और एक्टर परमीत सेठी के छोटे बेटे आयुष्मान सेठी कथित क्रेडिट कार्ड फ्रॉड का शिकार हो गए।

इस घटना में उनके क्रेडिट कार्ड से करीब ₹87,000 की राशि कट गई, जिसे लेकर अब ऑनलाइन फ्रॉड और यूजर जागरूकता पर बहस तेज हो गई है।

कैसे हुआ फ्रॉड: फ्री ट्रायल के नाम पर पूरा साल चार्ज

यह मामला तब सामने आया जब आयुष्मान ने अपने बड़े भाई आर्यमान सेठी के यूट्यूब व्लॉग में इस घटना का खुलासा किया।

आयुष्मान के मुताबिक, उन्होंने एक ऑनलाइन सर्विस का 7 दिन का “फ्री ट्रायल” लिया था। प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया गया था कि ट्रायल खत्म होने के बाद ही चार्ज लगेगा।

हालांकि, उनके अनुसार पहले $0 का ट्रांजैक्शन हुआ, जिसे उन्होंने मंजूरी दी, लेकिन कुछ ही समय बाद बिना स्पष्ट अनुमति के उनके कार्ड से पूरे साल की फीस एक साथ काट ली गई, जो करीब ₹87,000 थी।

परिवार की प्रतिक्रिया: सतर्कता और सलाह

घटना के दौरान वीडियो में आयुष्मान काफी घबराए हुए नजर आए। इस पर अर्चना पूरन सिंह ने तुरंत उन्हें क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने और बैंक से संपर्क करने की सलाह दी।

वहीं, परमीत सेठी ने कहा कि सिर्फ कार्ड ब्लॉक करना ही नहीं, बल्कि संबंधित पेमेंट या सब्सक्रिप्शन को भी तुरंत कैंसल करना जरूरी है।

इस बातचीत के दौरान परिवार में हल्का-फुल्का मजाक भी देखने को मिला, लेकिन साथ ही यह संदेश भी साफ था कि डिजिटल पेमेंट्स में सावधानी बेहद जरूरी है।

पहले भी हो चुका है ऐसा मामला

यह पहला मौका नहीं है जब आयुष्मान इस तरह की समस्या का सामना कर चुके हैं। आर्यमान ने बताया कि इससे पहले भी उनके भाई के प्लेस्टेशन अकाउंट से करीब ₹80,000 की राशि कट चुकी थी।

हालांकि, उस मामले में पैसे वापस मिल गए थे, लेकिन इस बार स्थिति अधिक जटिल बताई जा रही है।

परमीत सेठी ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार यूजर्स अनजाने में ऐसी शर्तों को स्वीकार कर लेते हैं, जिससे कंपनियों को चार्ज करने की अनुमति मिल जाती है।

AI कस्टमर सपोर्ट: नई चुनौती

इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू यह रहा कि जब आयुष्मान ने संबंधित कंपनी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें केवल AI आधारित कस्टमर सपोर्ट से ही जवाब मिला।

उन्होंने बताया कि उन्हें किसी वास्तविक व्यक्ति से बात करने का विकल्प नहीं मिला, जिससे समस्या का समाधान और मुश्किल हो गया।

यह स्थिति आज के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की एक बड़ी चुनौती को उजागर करती है, जहां ऑटोमेटेड सिस्टम्स के कारण यूजर्स को तत्काल सहायता नहीं मिल पाती।

डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी सावधानियां

  • इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
  • किसी भी फ्री ट्रायल को शुरू करने से पहले उसकी शर्तें और नियम ध्यान से पढ़ें
  • ऑटो-रिन्यूअल (Auto-Renewal) ऑप्शन को चेक करें
  • कार्ड डिटेल्स साझा करने से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता सुनिश्चित करें
  • संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर तुरंत बैंक या कार्ड कंपनी से संपर्क करें
  • SMS और ईमेल अलर्ट को हमेशा एक्टिव रखें

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