केरल को कर्ज के जाल में बताने के आरोपों पर सीएम पिनाराई विजयन ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत है। उन्होंने आय वृद्धि, कम गरीबी और विकास कार्यों के जरिए सरकार का पक्ष रखा।
Kerala: केरल को ‘कर्ज के जाल’ में फंसा हुआ बताने वाले दावों पर राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने साफ तौर पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे न सिर्फ गलत हैं बल्कि भ्रामक भी हैं। अपनी लिखित प्रतिक्रिया में उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास मॉडल और पिछले 10 वर्षों की उपलब्धियों को विस्तार से बताया और सरकार के कामकाज का बचाव किया।
विकास और सामाजिक प्रगति साथ-साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) सरकार का फोकस केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी बराबर ध्यान दिया गया। उनका मानना है कि असली विकास तभी संभव है जब आर्थिक प्रगति और सामाजिक सुधार साथ-साथ चलें।
उन्होंने बताया कि केरल ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों को हासिल किया है। इन सुधारों का सीधा असर लोगों के जीवन स्तर पर पड़ा है और राज्य की समग्र विकास दर को मजबूती मिली है।
अत्यधिक गरीबी खत्म करने का दावा
विजयन ने कहा कि केरल देश का पहला राज्य बना है जिसने अत्यधिक गरीबी को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य में 64,006 परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। नीति आयोग के अनुसार, बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index) में केरल की गरीबी दर केवल 0.7 प्रतिशत है, जो देश में सबसे कम में से एक है।
उन्होंने इसे राज्य के समावेशी विकास (Inclusive Development) का उदाहरण बताया और कहा कि सरकार का लक्ष्य हर वर्ग तक विकास के लाभ पहुंचाना रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में हुए कामों को भी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कई ऐसी परियोजनाएं पूरी की गईं, जिन्हें पहले असंभव माना जाता था। इनमें गेल पाइपलाइन, एडामॉन-कोच्चि पावर हाईवे और राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार शामिल है।
इसके अलावा राज्य में 17,749 किलोमीटर सड़कों को बेहतर बनाया गया है। विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का निर्माण भी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है, जो भविष्य में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा।
नॉलेज इकनॉमी की ओर बढ़ता केरल
विजयन ने कहा कि केरल तेजी से नॉलेज इकनॉमी (Knowledge Economy) बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। के-एफओएन परियोजना के तहत इंटरनेट को एक बुनियादी अधिकार के रूप में आम लोगों तक पहुंचाया गया है और एक लाख से ज्यादा लोग इससे जुड़ चुके हैं।
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आईटी सेक्टर और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी तेज वृद्धि हुई है। राज्य में 7,000 से ज्यादा स्टार्टअप सक्रिय हैं। ‘वर्ष के उद्यमी’ पहल के तहत 3 लाख से अधिक MSME शुरू किए गए हैं, जिससे 7.5 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर बने हैं।
‘कर्ज के जाल’ वाले दावे क्यों गलत
नीति आयोग द्वारा केरल को कमजोर वित्तीय प्रबंधन वाला राज्य बताए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आकलन अधूरा है। उनके अनुसार, यह सूचकांक उन राज्यों को कमतर दिखाता है जो सामाजिक क्षेत्र पर ज्यादा खर्च करते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई राज्य अपने नागरिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण पर निवेश करता है, तो उसे कमजोर कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि केरल को ‘कर्ज के जाल’ में फंसा हुआ बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
राज्य की आय में लगातार बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य की अपनी कर आय (Tax Revenue) में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2020-21 में यह लगभग 47,661 करोड़ रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 83,731 करोड़ रुपये हो गई है।
वहीं बिना कर वाली आय (Non-Tax Revenue) भी 2.6 गुना बढ़ी है और 7,327 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,761 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े दिखाते हैं कि राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
खर्च चलाने की क्षमता में सुधार
विजयन ने बताया कि केरल अब अपने खर्च का बड़ा हिस्सा अपनी आय से ही पूरा कर रहा है। वर्ष 2023-24 में राज्य ने अपने कुल खर्च का लगभग 64 प्रतिशत अपनी आय से पूरा किया, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा करीब 60 प्रतिशत रहा।
उन्होंने कहा कि यह देश के औसत से बेहतर है और इसे कमजोर वित्तीय प्रबंधन नहीं कहा जा सकता।
कर्ज और जीएसडीपी अनुपात नियंत्रण में
राज्य के कर्ज और जीएसडीपी (GSDP) के अनुपात पर भी मुख्यमंत्री ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में यह अनुपात 38.47 प्रतिशत था, जो कोविड महामारी के कारण बढ़ गया था।
लेकिन अब यह घटकर 2024-25 में 34.87 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि यह संकेत है कि राज्य का कर्ज नियंत्रण में है। साथ ही, कर्ज पर ब्याज दर राज्य की आर्थिक वृद्धि दर से कम है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कर्ज अभी भी संभालने योग्य है।
चुनावी नतीजों पर भरोसा
स्थानीय निकाय चुनावों में UDF की बढ़त को लेकर पूछे गए सवाल पर विजयन ने कहा कि स्थानीय और विधानसभा चुनावों के मुद्दे अलग-अलग होते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि विधानसभा चुनाव में जनता राज्य के समग्र विकास और सरकार के कामकाज को ध्यान में रखकर वोट करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने वादों को पूरा करने का मजबूत रिकॉर्ड बनाया है। पिछले कार्यकाल में 600 में से 580 वादे पूरे किए गए और इस बार भी 900 वादों को पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है।









