कुल्लू स्कूल में खेल मैदान को लेकर विवाद, प्रिंसिपल-युवाओं की बहस का वीडियो वायरल

Kullu के सरकारी स्कूल में मैदान को लेकर विवाद। प्रिंसिपल और युवाओं के बीच बहस का वीडियो वायरल, दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप।

कुल्लू के सरकारी स्कूल में मैदान उपयोग को लेकर प्रिंसिपल और स्थानीय युवाओं के बीच विवाद हुआ। बहस का वीडियो वायरल है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।

Kullu: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्कूल मैदान को लेकर विवाद सामने आया है, जहां कलेहली स्थित सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल और स्थानीय युवाओं के बीच तीखी बहस हो गई। वायरल वीडियो में प्रिंसिपल युवाओं को मैदान में आने से रोकती दिख रही हैं, जबकि युवा अपने पुराने संबंध और अधिकार का हवाला दे रहे हैं। मामले में अभद्र व्यवहार और नशीले पदार्थों के आरोप-प्रत्यारोप ने विवाद को और बढ़ा दिया है।

कुल्लू के स्कूल मैदान को लेकर विवाद, प्रिंसिपल और युवाओं के बीच बहस का वीडियो वायरल

Himachal Pradesh के Kullu जिले में स्थित कलेहली के एक सरकारी स्कूल में खेल मैदान को लेकर प्रधानाचार्य और स्थानीय युवाओं के बीच विवाद का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है।

जानकारी के मुताबिक, संबंधित गांव के कुछ युवा, जो पहले इसी विद्यालय के छात्र रह चुके हैं, लंबे समय से स्कूल के मैदान में क्रिकेट खेलते आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि ये युवा समय-समय पर स्कूल परिसर की सफाई और रखरखाव में भी सहयोग करते रहे हैं।

प्रिंसिपल का सख्त रुख, मैदान में प्रवेश पर रोक

घटना के दिन जब युवा मैदान में खेल रहे थे, तभी स्कूल की प्रिंसिपल वहां पहुंचीं और कथित तौर पर मोबाइल से वीडियो बनाते हुए युवाओं को मैदान छोड़ने के लिए कहा। वायरल वीडियो में प्रिंसिपल यह कहती नजर आ रही हैं कि जब तक वे विद्यालय में कार्यरत हैं, तब तक किसी बाहरी व्यक्ति को मैदान में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रिंसिपल के इस रुख के बाद मौके पर बहस तेज हो गई और दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक विवाद चलता रहा। यह वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

युवाओं का विरोध, आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, युवाओं का कहना है कि वे बचपन से इसी मैदान में खेलते आ रहे हैं और यह स्थान उनके लिए सामुदायिक उपयोग का हिस्सा रहा है। उनका दावा है कि उन्होंने कभी स्कूल की व्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि जरूरत पड़ने पर सहयोग ही किया है।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब प्रिंसिपल ने युवाओं पर नशीले पदार्थों के सेवन के आरोप लगाए। युवाओं ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। फिलहाल, मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है और प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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