लैपटॉप खरीदना महंगा होने वाला है, कीमतों में भारी इजाफा होने का अंदेशा

लैपटॉप खरीदना महंगा होने वाला है, कीमतों में भारी इजाफा होने का अंदेशा

लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में 2026 में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान है। बढ़ती रैम, GPU और प्रोसेसर की कीमतें और कंपोनेंट की कमी इसका मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 6-7 तिमाहियों तक कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है, इसलिए अभी खरीदारी करना फायदेमंद माना जा रहा है।

Laptop Price Rise: इस साल भारत में लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। कंपोनेंट की शॉर्टेज और बढ़ती हार्डवेयर कीमतों के कारण यह बदलाव हुआ है। पिछले साल रिकॉर्ड शिपमेंट के बावजूद 2026 में शिपमेंट में 8 प्रतिशत गिरावट आने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 6-7 तिमाहियों तक कीमतें अधिक बनी रहेंगी, इसलिए यूजर्स को जल्दी खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है।

लैपटॉप की कीमतों में 35% तक बढ़ोतरी का अनुमान

लैपटॉप खरीदने वाले यूजर्स के लिए इस साल महंगाई की चेतावनी है। कंप्यूटर हार्डवेयर की बढ़ती कीमतों और कंपोनेंट्स की शॉर्टेज के कारण लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में इस साल 35 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रैम, प्रोसेसर और GPU की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे पीसी मार्केट की कीमतों पर असर डाल रही है।

पिछले साल भारत में पीसी शिपमेंट रिकॉर्ड स्तर पर था, लेकिन 2026 में शिपमेंट में 8 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान है। इससे पहले 2025 में 1.6 करोड़ यूनिट्स शिप हुई थीं, जो 2024 की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा थी।

कीमतों में बदलाव की वजह

मेमोरी चिप्स और अन्य कंपोनेंट्स की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मेमोरी चिप्स की कीमत अब 2.5-3 गुना अधिक हो गई है, जिससे लैपटॉप और डेस्कटॉप 10-12 प्रतिशत महंगे हो गए हैं। इस महीने भी कीमतों में 10 प्रतिशत और बढ़ोतरी होने की संभावना है। पहले 30,000-35,000 रुपये में बिकने वाले मॉडल अब 45,000 रुपये तक पहुंच रहे हैं।

सिर्फ महंगाई ही नहीं, एंट्री-लेवल इंटेल प्रोसेसर की कमी और GPU की डिमांड भी कीमतों पर दबाव डाल रही है। इसके कारण यूजर्स को जल्द निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है, ताकि भविष्य में ज्यादा कीमत चुकानी न पड़े।

आगे की स्थिति और राहत की संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि अगली 6-7 तिमाहियों तक पीसी मार्केट सामान्य स्थिति में लौटने की संभावना कम है। यह कीमतों और कंपोनेंट की शॉर्टेज के कारण जारी रहेगा। अनुमान है कि अगले साल की दूसरी छमाही में ही बाजार को राहत मिल सकेगी।

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