भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरून का कार्यकाल अक्टूबर 2026 में पूरा हो गया। उन्होंने अप्रैल 2024 में पदभार संभाला था और लगभग ढाई साल तक भारत में ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व किया।
Lindy Cameron: भारत में ब्रिटेन की निवर्तमान उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने भारत में बिताए समय को याद करते हुए भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत होते संबंधों पर गर्व जताया। कैमरून ने कहा कि वह भारत से ढेर सारी यादों और भरे दिल के साथ विदा ले रही हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का उल्लेख करते हुए उन लोगों की भी सराहना की, जिन्होंने इस साझेदारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
लिंडी कैमरून का भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त के रूप में कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त हुआ। उन्होंने अप्रैल 2024 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। अब उन्हें ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) में स्थायी अवर सचिव यानी Permanent Under-Secretary नियुक्त किया गया है। इस पद पर पहुंचने वाली वह पहली महिला हैं। उनकी नई जिम्मेदारी को ब्रिटेन की कूटनीतिक सेवा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
विदाई से पहले लिंडी कैमरून ने क्या कहा?
लिंडी कैमरून ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विदाई संदेश में भारत के प्रति भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है और वह अपने साथ कई यादें लेकर जा रही हैं। उन्होंने भारत-ब्रिटेन साझेदारी में हुई प्रगति पर खुशी जताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा और साझा महत्वाकांक्षाएं लगातार बढ़ी हैं।
कैमरून के मुताबिक, इस साझेदारी ने दोनों देशों की सरकारों, कारोबारों और आम लोगों को पहले से अधिक करीब लाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में अपना योगदान देना उनके लिए गर्व की बात रही। उनके संदेश में भारत के साथ विकसित हुए पेशेवर और व्यक्तिगत संबंधों के प्रति आभार भी दिखाई दिया।
भारत-ब्रिटेन संबंधों में बढ़ा सहयोग
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लिंडी कैमरून ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यापार, शिक्षा और नागरिक समाज से जुड़े लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके अनुसार, अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों की साझा कोशिशों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में मदद की है।
इस सहयोग से दोनों देशों के नागरिकों और व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं। कैमरून ने उन लोगों की सराहना की, जिन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच आपसी समझ और साझेदारी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। भारत और ब्रिटेन के संबंध व्यापार, शिक्षा, तकनीक, निवेश, रक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में फैले हुए हैं।
दोनों देश विभिन्न मुद्दों पर संवाद और सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करते रहे हैं। कैमरून के विदाई संदेश में भी इसी व्यापक साझेदारी और भविष्य की संभावनाओं पर जोर दिखाई दिया।
सरकार, कारोबार और शिक्षा जगत के लोगों से मुलाकातों को किया याद
भारत में अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कैमरून ने सरकार, कारोबारी जगत, शिक्षा क्षेत्र और नागरिक समाज से जुड़े लोगों के साथ हुई मुलाकातों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन सभी क्षेत्रों में भारत-ब्रिटेन संबंधों को आगे ले जाने की साझा इच्छा देखने को मिली। ऐसी मुलाकातें कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने में अहम मानी जाती हैं, क्योंकि इनके माध्यम से नीतिगत संवाद के साथ-साथ व्यावसायिक और शैक्षणिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलता है। कैमरून ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों की प्रगति सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।









