LinkedIn पर यूजर प्राइवेसी को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं। BrowserGate रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म हर पेज लोड पर एक JavaScript स्क्रिप्ट चला रहा है, जो ब्राउजर में इंस्टॉल एक्सटेंशन्स और डिवाइस की तकनीकी जानकारी इकट्ठा करती है। LinkedIn ने दावा किया है कि यह सिर्फ सुरक्षा उद्देश्यों के लिए है, लेकिन विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
LinkedIn Privacy Alert: पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म LinkedIn पर यूजर डेटा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जर्मन संगठन Fairlinked eV की BrowserGate रिपोर्ट के अनुसार, LinkedIn हर पेज लोड के दौरान एक JavaScript स्क्रिप्ट अपने यूजर्स के ब्राउजर में इंजेक्ट कर रहा है, जो इंस्टॉल किए गए Chrome एक्सटेंशन्स और डिवाइस की तकनीकी जानकारी इकट्ठा करती है। कंपनी ने इसे केवल सुरक्षा उद्देश्यों के लिए बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स को ब्राउजर सेटिंग्स और एक्सटेंशन्स पर नजर रखनी चाहिए।
LinkedIn पर डेटा प्राइवेसी को लेकर बढ़ी चिंताएं
BrowserGate रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि LinkedIn हर पेज लोड के दौरान एक JavaScript स्क्रिप्ट अपने यूजर्स के ब्राउजर में इंजेक्ट कर रहा है। इस स्क्रिप्ट के जरिए यूजर के इंस्टॉल किए गए हजारों Chrome एक्सटेंशन्स और डिवाइस की तकनीकी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह डेटा HUMAN Security जैसी कंपनियों तक पहुंच सकता है।
LinkedIn ने सफाई में कहा है कि यह प्रक्रिया केवल उन एक्सटेंशन्स को पहचानने के लिए है जो बिना अनुमति के डेटा स्क्रैप करते हैं, और इसका इस्तेमाल किसी संवेदनशील जानकारी को निकालने के लिए नहीं किया जाता।

यूजर डेटा पर नजर और जानकारी का दायरा
रिपोर्ट के अनुसार, LinkedIn की स्क्रिप्ट केवल ब्राउजर एक्सटेंशन्स ही नहीं बल्कि डिवाइस की कई तकनीकी डिटेल्स भी स्कैन करती है। इसमें CPU कोर की संख्या, टाइम जोन, भाषा सेटिंग, बैटरी स्टेटस, मौजूदा मेमोरी, स्क्रीन साइज और स्टोरेज क्षमता जैसी जानकारी शामिल है।
इस तकनीक के जरिए स्क्रिप्ट एक्सटेंशन IDs से जुड़े फाइल्स तक पहुंचती है, जिससे पता चलता है कि कौन से एक्सटेंशन्स यूजर ने इंस्टॉल किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रैक्टिस Chromium आधारित ब्राउजर्स में पहले भी देखी गई है।
LinkedIn की प्रतिक्रिया और यूजर्स के लिए सुझाव
LinkedIn ने कहा है कि यह डेटा केवल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और यूजर्स की प्राइवेसी सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी का दावा है कि किसी भी संवेदनशील जानकारी को स्कैन या इकट्ठा नहीं किया जाता।
हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यूजर्स को सतर्क रहना चाहिए। अपने ब्राउजर की सेटिंग्स और इंस्टॉल किए गए एक्सटेंशन्स पर नजर रखना, और अनजान स्क्रिप्ट्स से सावधान रहना महत्वपूर्ण है।









