महाराज सुहेलदेव विवाद: AIMIM बयान पर सुभासपा का विरोध, ओमप्रकाश राजभर ने दी आंदोलन की चेतावनी

महाराज सुहेलदेव को लेकर बयान पर All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) और Suheldev Bharatiya Samaj Party (सुभासपा) के बीच विवाद बढ़ गया है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐतिहासिक व्यक्तित्व Maharaja Suheldev को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के एक नेता के बयान के बाद सुभासपा (SBSP) ने कड़ा विरोध जताया है और माफी की मांग की है।

लखनऊ: पंचायतीराज मंत्री Om Prakash Rajbhar ने महाराज सुहेलदेव को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह विवाद All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के प्रदेश अध्यक्ष Shaukat Ali के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। शौकत अली ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के बयान के जवाब में लिखा था कि महाराज सुहेलदेव का भारत के निर्माण या आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं रहा। इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

ओमप्रकाश राजभर ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि शौकत अली माफी नहीं मांगते हैं, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाराज सुहेलदेव ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व हैं, और उनके सम्मान से जुड़ा कोई भी अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

AIMIM नेता के बयान से बढ़ा विवाद, ओमप्रकाश राजभर ने जताई कड़ी आपत्ति

विवाद की शुरुआत AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष Shaukat Ali के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने महाराज सुहेलदेव के योगदान पर सवाल उठाए। यह बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के एक बयान के जवाब में दिया गया था। इस पोस्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया।

सुभासपा प्रमुख और पंचायतीराज मंत्री Om Prakash Rajbhar ने इस बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि शौकत अली सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। राजभर ने इसे “सोची-समझी रणनीति” करार देते हुए कहा कि यह बयान जानबूझकर ऐसे समय में दिया गया है जब बहराइच में महाराज सुहेलदेव से जुड़ा मेला आयोजित होने वाला है।

अन्य विपक्षी नेताओं पर भी साधा निशाना

राजभर ने इस मुद्दे पर अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि Akhilesh Yadav, Rahul Gandhi और Mayawati इस बयान का विरोध नहीं करते हैं, तो इसका अर्थ यह होगा कि वे भी महाराज सुहेलदेव के योगदान को स्वीकार नहीं करते। यह टिप्पणी राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्माने वाली मानी जा रही है।

राजभर ने बताया कि 10 जून से बहराइच में महाराज सुहेलदेव का मेला आयोजित होने जा रहा है, जो करीब 10 दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि पहले यहां “गाजी” का मेला लगता था, लेकिन अब यह आयोजन देश के वीरों के सम्मान में किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह बदलाव देश के इतिहास और वीरों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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