लखनऊ के बाद मायावती करेंगी नोएडा में शक्ति प्रदर्शन, BSP तैयार कर रही मिशन-2027

लखनऊ के बाद मायावती करेंगी नोएडा में शक्ति प्रदर्शन, BSP तैयार कर रही मिशन-2027

कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर 9 अक्टूबर को लखनऊ में रैली के बाद मायावती अब नोएडा में शक्ति प्रदर्शन करेंगी। 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर होने वाली श्रद्धांजलि सभा की तैयारी तेज हो गई है।

BSP Political Update: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मैदान में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर 9 अक्टूबर को लखनऊ में विशाल रैली आयोजित करने के बाद अब वह नोएडा में शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। यह प्रदर्शन 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के रूप में होगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि पश्चिमी यूपी के कई मंडलों और जिलों के पदाधिकारी इस सभा में शामिल होंगे और मिशन-2027 के लिए रणनीति तैयार करेंगे। BSP का उद्देश्य अपने खोए वोटरों को पुनः साधना और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करना है।

नोएडा में शक्ति प्रदर्शन: मिशन-2027 की तैयारी

गौतमबुद्ध नगर के BSP जिलाध्यक्ष लख्मी सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और बुलंदशहर के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में मेरठ मंडल के प्रमुख मेघानंद जाटव, ओमप्रकाश कश्यप, रोहतास जाटव, गोविंद भाटी, बलवीर वाल्मीकि, गोपीचंद जाटव, प्रेम सिंह जाटव, महेश प्रजापति, योगेंद्र भाटी, मनवीर भाटी, दयाराम सेन, मनोज जाटव, नरेश उपाध्याय, राजकुमार गुर्जर और ब्रह्म प्रकाश शामिल रहे।

बैठक में पार्टी की आगामी रणनीति, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना और प्रदेश में कमजोर पड़े वोट बैंक को पुनः सक्रिय करना प्रमुख विषय रहे। मायावती का उद्देश्य स्पष्ट है: BSP के दलित और अन्य पिछड़े वर्ग के वोटरों को पुनः पार्टी से जोड़ना और विरोधियों को आगामी चुनाव में चुनौती देना।

लखनऊ रैली से मिली राजनीतिक मजबूती

9 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित कांशीराम परिनिर्वाण दिवस रैली ने मायावती और BSP को राजनीतिक मजबूती दी। पार्टी के आलोचकों का यह आरोप भी था कि पिछले कुछ वर्षों में BSP का मूल वोट बैंक, खासकर दलित और मुस्लिम समुदाय, धीरे-धीरे घटता जा रहा है। इसके साथ ही विपक्षी दल यह भी कहते रहे कि पार्टी बीजेपी के प्रभाव में चल रही है।

इस रैली ने इन अटकलों को विराम दिया और दिखा दिया कि BSP का कैडर अभी भी सक्रिय और संगठित है। लखनऊ रैली के बाद पार्टी के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में मिशन-2027 की तैयारियों में जुट गए हैं।

BSP का कैडर अभी भी मजबूत

नोएडा जिलाध्यक्ष लख्मी सिंह ने बैठक में बताया कि BSP का कैडर आज भी बूथ-बूथ पर सक्रिय और संगठित है। यही कारण है कि पार्टी ने हाल ही में हुए बिहार चुनाव में अपने दम पर हिस्सा लिया और कम सीटों में भी जीत दर्ज की। उन्होंने कहा, 6 दिसंबर की सभा के बाद प्रदेशभर के कार्यकर्ता मिशन-2027 के लिए तन-मन-धन से जुट जाएंगे।

पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मानना है कि शक्ति प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभा BSP को आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत स्थिति में पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

 

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