स्विस टेक कंपनी लॉजिटेक ने चीन से आगे मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार करते हुए भारत में डिवाइस असेंबल करना शुरू किया है। कंपनी मानेसर में माउस और वेबकैम से शुरुआत कर स्थानीय साझेदारों के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है।
Tech: स्विस कंप्यूटर एक्सेसरीज कंपनी लॉजिटेक ने भारत में अपने उत्पादों की असेंबलिंग शुरू कर दी है। कंपनी हरियाणा के गुरुग्राम स्थित औद्योगिक क्षेत्र मानेसर में माउस और वेबकैम जैसे पर्सनल वर्क सॉल्यूशंस उत्पाद तैयार कर रही है। इस कदम का उद्देश्य भारतीय बाजार के करीब पहुंचना, सप्लाई चेन को मजबूत करना और चीन से बाहर विनिर्माण क्षमता का विस्तार करना है। कंपनी आगे स्थानीय साझेदारों के साथ उत्पादन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की क्षमताएं बढ़ाने पर भी विचार कर रही है।
भारत में माउस और वेबकैम की असेंबलिंग शुरू
लॉजिटेक ने अपनी वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग रणनीति में भारत को महत्वपूर्ण स्थान दिया है। कंपनी ने मानेसर स्थित एक विनिर्माण केंद्र में अपने उत्पादों की असेंबलिंग शुरू की है। शुरुआती चरण में माउस और वेबकैम जैसे पर्सनल वर्क सॉल्यूशंस उत्पादों पर ध्यान दिया जा रहा है। कंपनी ने हालांकि अपने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
लॉजिटेक में पर्सनल वर्क सॉल्यूशंस की वाइस प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर डेल्फीन डोने के अनुसार, भारत में बढ़ता कारोबार और बी2बी तथा बी2सी बाजार कंपनी को ग्राहकों के करीब आने का अवसर देते हैं। स्थानीय स्तर पर विनिर्माण शुरू होने से परिवहन समय घटाने, कामकाज में तेजी लाने और स्थानीय औद्योगिक इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद मिल सकती है।
कंपनी के चीफ सप्लाई चेन ऑपरेशंस ऑफिसर श्री चेनिनचेरी ने बताया कि भारत लॉजिटेक का सातवां मैन्युफैक्चरिंग केंद्र है। कंपनी अलग-अलग देशों में उपलब्ध क्षमताओं और व्यावसायिक जरूरतों के आधार पर अपनी विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार कर रही है।
स्थानीय साझेदारों के साथ बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
लॉजिटेक की फिलहाल भारत में उत्पादों की असेंबलिंग पर प्राथमिकता है। हालांकि, उत्पादन बढ़ने के साथ कंपनी स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर कंपोनेंट निर्माण और अन्य विनिर्माण गतिविधियों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाना चाहती है। यह विस्तार भारत में कंपनी के कारोबार की वृद्धि और साझेदारों की उत्पादन क्षमता विकसित होने पर निर्भर करेगा।
चेनिनचेरी के मुताबिक, स्थानीय साझेदारों के साथ काम करने का उद्देश्य केवल उत्पादों की खरीद तक सीमित नहीं है। कंपनी उन्हें वैश्विक मानकों के अनुरूप काम करने के लिए तकनीकी जानकारी और कौशल उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। इस प्रक्रिया में समय लगता है, क्योंकि विनिर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और परीक्षण के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना जरूरी है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के बढ़ते इकोसिस्टम को भी कंपनी एक अवसर के रूप में देख रही है। देश में स्मार्टफोन निर्माण के विस्तार से विकसित हुई सप्लाई चेन और विनिर्माण क्षमताएं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के उत्पादन में भी उपयोगी हो सकती हैं।
गुणवत्ता और टिकाऊ विनिर्माण पर कंपनी का जोर
लॉजिटेक के लिए भारत में उत्पादन बढ़ाने के साथ वैश्विक गुणवत्ता और पर्यावरण संबंधी मानकों को बनाए रखना भी अहम है। चेनिनचेरी ने कहा कि कंपनी अपने विनिर्माण साझेदारों की मौजूदा क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करती है। इसके तहत उत्पादों की डिजाइन और फीचर्स के अलावा निर्माण प्रक्रिया, परीक्षण और गुणवत्ता जांच पर भी ध्यान दिया जाता है।
डेल्फीन डोने के अनुसार, लॉजिटेक के 80 प्रतिशत से अधिक उत्पादों में अब रिसाइकिल्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इस तरह की सामग्री के साथ काम करने के लिए मोल्डिंग और विनिर्माण प्रक्रियाओं में बदलाव की जरूरत होती है। ऐसे में स्थानीय साझेदारों को भी आवश्यक तकनीकी क्षमताएं विकसित करनी होंगी।
लॉजिटेक की भारत में मौजूदगी केवल विनिर्माण तक सीमित नहीं है। कंपनी का चेन्नई स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) केंद्र 500 से अधिक कर्मचारियों तक पहुंच चुका है। यहां गुणवत्ता नियंत्रण से आगे बढ़कर डेटा एनालिटिक्स और सॉफ्टवेयर तथा हार्डवेयर विकास से जुड़े काम भी किए जा रहे हैं।
कंपनी कीबोर्ड, माउस और कंप्यूटर एक्सेसरीज के अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपकरण भी बनाती है। ऐसे में भारत में विनिर्माण का विस्तार कंपनी को स्थानीय बाजार की जरूरतों के अनुसार काम करने और अपनी सप्लाई चेन को अधिक मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।










