लखनऊ में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान को बीच आसमान में तकनीकी समस्या के चलते इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। यह घटना उस समय हुई जब विमान लगभग 36 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था और अचानक पायलट को केबिन के अंदर धुआं महसूस हुआ।
सूत्रों के अनुसार, धुआं दिखाई देने के बाद पायलट ने तुरंत स्थिति का आकलन किया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी जानकारी दी। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए फ्लाइट को तत्काल लखनऊ एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। पायलट की सूझबूझ और तेज निर्णय क्षमता के चलते विमान को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा गया।
इस दौरान यात्रियों के बीच थोड़ी घबराहट जरूर देखी गई, लेकिन केबिन क्रू ने स्थिति को संभालते हुए सभी को शांत रहने की सलाह दी। सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को ऑक्सीजन मास्क भी उपलब्ध कराए गए, जिससे किसी को सांस लेने में परेशानी न हो।
फ्लाइट में सवार सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी तरह की जान-माल की हानि की खबर नहीं है।
एयरपोर्ट प्रशासन और एयरलाइन की तकनीकी टीम ने तुरंत विमान की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह माना जा रहा है कि धुआं किसी तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुआ हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।
इस घटना ने एक बार फिर विमान सुरक्षा और तकनीकी जांच की अहमियत को उजागर कर दिया है। समय रहते उठाए गए कदमों और पायलट की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
फिलहाल, एयरलाइन द्वारा यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन ने भी पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।












