Middle East Crisis: पश्चिम एशिया तनाव के बीच यूएई का बड़ा फैसला, ईरानी नागरिकों की एंट्री पर लगाई रोक

West Asia तनाव के बीच United Arab Emirates ने ईरानी नागरिकों की एंट्री और ट्रांजिट पर रोक लगाई। Emirates, Etihad, flydubai ने यात्रा नियम बदले। Breaking News: UAE ने ईरानी पासपोर्ट धारकों पर लगाया बैन

West Asia तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरानी नागरिकों की एंट्री और ट्रांजिट पर रोक लगा दी है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रभावित हुई है और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

Middle East Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की जिंदगी और अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर दिखने लगा है। इसी बीच United Arab Emirates ने सुरक्षा कारणों से बड़ा कदम उठाते हुए ईरानी नागरिकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ रही हैं और कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।

एयरलाइंस ने साफ किया रुख

इस फैसले की पुष्टि यूएई की प्रमुख एयरलाइंस Emirates, एतिहाद (Etihad) और फ्लाईदुबई (flydubai) ने की है। इन एयरलाइंस ने अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए बताया कि अब ईरानी पासपोर्ट धारकों को न तो यूएई में प्रवेश की अनुमति होगी और न ही वे यहां से किसी अन्य देश के लिए ट्रांजिट कर सकेंगे। यह निर्देश अचानक लागू किया गया, जिससे कई यात्रियों को आखिरी समय में अपनी यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ीं। इ

सुरक्षा खतरे के बीच लिया गया निर्णय

हालांकि यूएई सरकार ने इस प्रतिबंध पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और लगातार हो रहे हमलों के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है। ऐसे में यूएई ने अपने नागरिकों, एयरपोर्ट और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। 

गोल्डन वीजा धारकों को राहत

इस सख्त फैसले के बीच यूएई ने कुछ सीमित राहत भी दी है। जिन ईरानी नागरिकों के पास यूएई का गोल्डन वीजा है, उन्हें प्रवेश की अनुमति जारी रहेगी। यह वीजा लंबे समय तक निवास की सुविधा देता है और आमतौर पर निवेशकों, पेशेवरों और विशेष योग्यता वाले लोगों को दिया जाता है। इस छूट से उन लोगों को राहत मिलेगी जो पहले से यूएई में रह रहे हैं या जिनका वहां स्थायी कामकाज जुड़ा हुआ है।

ईरानी संस्थानों पर भी पड़ा असर

इस फैसले का असर केवल यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। दुबई में लंबे समय से चल रहे ईरानी अस्पताल और ईरानी क्लब को हाल ही में बंद कर दिया गया है। ये संस्थान वर्षों से वहां रहने वाले ईरानी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण केंद्र थे और इनका इतिहास शाह के समय से जुड़ा रहा है।

ड्रोन हमलों से बढ़ी चिंता

यूएई ने हाल ही में दावा किया था कि उसके हवाई सुरक्षा तंत्र ने ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया। रक्षा अधिकारियों के अनुसार सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया गया है। यह आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि खतरा कितना बड़ा है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क बनी हुई हैं।

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