उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों बंदरों का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। शहर के कई इलाकों में बंदरों के झुंड घरों में घुसकर हमला कर रहे हैं, जिससे लोग दहशत में हैं। हाल ही में सामने आई घटनाओं ने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
ताजा मामले में एक बच्ची को बंदर ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गई। परिजनों ने तुरंत उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, बंदर के काटने के बाद संक्रमण का खतरा रहता है, इसलिए समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है।
वहीं, एक अन्य घटना में बंदरों के झुंड को देखकर एक युवक इतना डर गया कि उसने खुद को बचाने के लिए दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों का डर इतना बढ़ गया है कि लोग अपने ही घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
पीड़ितों ने बताया कि बंदर अचानक घरों में घुस आते हैं, रसोई से खाने का सामान उठा लेते हैं और विरोध करने पर हमला कर देते हैं। कई बार वे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने मांग की है कि बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में बढ़ती आबादी और जंगलों की कटाई के कारण बंदर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं। खाने की तलाश में वे घरों और बाजारों में घुस जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही इस समस्या के समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। नगर निगम की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की अपील की जा रही है। साथ ही, बंदरों को उकसाने या उन्हें खाना देने से भी बचने को कहा गया है।
लखनऊ में बंदरों का यह बढ़ता आतंक अब केवल परेशानी नहीं, बल्कि सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। अगर जल्द ही इस पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाले समय में और भी बड़ी घटनाएं सामने आ सकती हैं।