महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गई है। शिवसेना (UBT) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे के एक सनसनीखेज दावे ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार को जबरदस्त हलचल मच गई, जब शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी 22 विधायक, जो वर्तमान में एकनाथ शिंदे शिवसेना में हैं, बीजेपी में शामिल होने को तैयार हैं। आदित्य ने तंज कसते हुए कहा कि राज्य में विपक्ष का नेता ही तय नहीं हो पा रहा, जबकि सरकार को दो सदनों में विपक्षी नेता की गैर-मौजूदगी के बावजूद किस बात का डर सता रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को चिंता है कि क्या अब सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही दो-दो विपक्षी नेता तैयार हो गए हैं और भास्कर जाधव के नाम में बदलाव की खबरों को गठबंधन के अंदर से फैलाई गई अफवाह बताया।
आदित्य ठाकरे का बड़ा आरोप
सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही असंतोष गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट के कई विधायक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी बताए जाते हैं और वे लगातार सत्ता के इशारे पर काम कर रहे हैं। आदित्य ने कटाक्ष करते हुए कहा,
''राज्य में विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता का पद तक तय नहीं हुआ है, फिर भी सरकार इतनी असहज क्यों नजर आ रही है? क्या अब सत्तारूढ़ गठबंधन के अंदर ही दो-दो विपक्षी नेता खड़े हो रहे हैं?'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में इन 22 विधायकों को बड़े पैमाने पर फंड उपलब्ध कराया गया और वे पूरी तरह मुख्यमंत्री के निर्देशों पर संचालित हो रहे हैं।

शिंदे गुट का करारा पलटवार
आदित्य ठाकरे ने हाल ही में सामने आई कुछ राजनीतिक अफवाहों को भी खारिज किया। उन्होंने विपक्ष के नेता भास्कर जाधव से जुड़ी खबरों को सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर से “जानबूझकर फैलाई गई अफवाह” बताया। उनका आरोप था कि ऐसी सूचनाएं राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने के लिए फैलाई जा रही हैं।
आदित्य ठाकरे के इस बयान पर शिवसेना (शिंदे गुट) ने तीखा हमला बोला है। शिंदे सरकार में मंत्री संजय शिरसाठ ने पलटवार करते हुए कहा, उद्धव ठाकरे और आदित्य पहले अपने विधायकों को संभालें। हमारे विधायकों पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, शिंदे गुट के विधायक निलेश राणे ने व्यंग्य करते हुए कहा, अब आदित्य ठाकरे ज्योतिष भी बनने लगे हैं क्या? वे हर दिन कोई नई भविष्यवाणी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया दावा खारिज
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी आदित्य ठाकरे के बयान को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा, कोई भी कुछ भी कह सकता है। अगर आज कोई यह दावा कर रहा है, तो कल मैं भी कह सकता हूं कि उनके 20 विधायक BJP में आने वाले हैं। सिर्फ बोल देने से सच्चाई नहीं बन जाती। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि शिवसेना (शिंदे गुट) महायुति का सहयोगी दल है और वही असली शिवसेना है। उन्होंने कहा कि BJP को शिंदे गुट के विधायकों को तोड़ने की कोई जरूरत नहीं है।
हम चाहते हैं कि हमारी सहयोगी शिवसेना और मजबूत हो। महायुति आने वाले समय में और सशक्त रूप में सामने आएगी,” उन्होंने कहा। आदित्य ठाकरे के दावे और उस पर शिंदे गुट व मुख्यमंत्री की तीखी प्रतिक्रिया ने महाराष्ट्र की राजनीति को फिर से गर्मा दिया है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में पहले से ही सत्ता संतुलन, नेतृत्व और गठबंधनों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।












