मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी-पठानकोट हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हाईवे पर तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें सवार 8 ट्रेनी डॉक्टर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दुर्घटनाग्रस्त वाहन के पास पहुंचकर घायलों को बाहर निकालने में मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।
हादसे में घायल सभी ट्रेनी डॉक्टरों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की टीम ने घायलों की स्थिति की जांच की। इनमें से 3 ट्रेनी डॉक्टरों की हालत को देखते हुए उन्हें पालमपुर रेफर किया गया, जबकि 5 घायलों को प्राथमिक उपचार और मेडिकल जांच के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की मौत नहीं हुई।
बताया गया कि हादसे का शिकार हुए ट्रेनी डॉक्टर अलग-अलग स्थानों से संबंध रखते हैं। इनमें मंडी, कांगड़ा, शिमला और ऊना के रहने वाले डॉक्टर शामिल बताए जा रहे हैं। सभी ट्रेनी डॉक्टर किसी काम से सफर कर रहे थे, इसी दौरान हाईवे पर यह हादसा हो गया।
हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। दुर्घटनाग्रस्त थार सड़क पर पलटी हुई थी, जिसके कारण आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों की भीड़ मौके पर जुटने लगी। स्थानीय लोगों ने पुलिस के पहुंचने से पहले राहत कार्य शुरू किया और वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू की। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाने की कार्रवाई की गई, ताकि हाईवे पर यातायात सामान्य किया जा सके। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों को लेकर जानकारी जुटाई।
प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होकर पलटने की बात सामने आई है, हालांकि हादसा किस वजह से हुआ, इसका स्पष्ट कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी और क्या सड़क की स्थिति, मोड़ या किसी अन्य कारण का हादसे में योगदान रहा।
घटना के बाद अस्पताल में भी कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। एक साथ कई घायल पहुंचने के कारण अस्पताल की मेडिकल टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। घायलों की चोटों का परीक्षण किया गया और जरूरत के अनुसार आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।
जिन पांच ट्रेनी डॉक्टरों को उपचार के बाद छुट्टी दी गई, उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। वहीं तीन घायलों को बेहतर उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा के लिए पालमपुर रेफर किया गया है। अस्पताल प्रशासन और परिजनों की ओर से उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद घायलों के परिचित और परिजन भी अस्पताल पहुंचने लगे। दुर्घटना की खबर से उनके परिवारों में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि पांच लोगों को इलाज के बाद छुट्टी मिलने और किसी की मौत नहीं होने से परिवारों ने राहत की सांस ली।
मंडी-पठानकोट हाईवे हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है और इस पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। पहाड़ी इलाकों में सड़क पर अचानक मोड़, ढलान, बारिश या फिसलन के कारण वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना बेहद जरूरी होता है।
स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और सड़क की स्थिति की भी समीक्षा किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पहाड़ी सड़कों पर वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए।
पुलिस ने भी हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल, वाहन की स्थिति और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा सकती है।
फिलहाल इस हादसे में 8 ट्रेनी डॉक्टर घायल हुए हैं। 3 घायलों को पालमपुर रेफर किया गया है, जबकि 5 को उपचार के बाद छुट्टी मिल गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।










