अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को एक शक्तिशाली और प्रभावशाली राष्ट्र बताया है। रुबियो इन दिनों भारत दौरे पर हैं और मुंबई पहुंचे हुए हैं। खास बात यह है कि तीन महीने के भीतर उनका यह दूसरा भारत दौरा है।
Marco Rubio India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को एक शक्तिशाली और प्रभावशाली राष्ट्र बताते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया है। मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई मुलाकात में व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
रुबियो ने संकेत दिया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण के करीब है और कुछ शेष मुद्दों पर सहमति बनने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द आ सकती है अच्छी खबर
मार्को रुबियो की भारत यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब दोनों देश लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। मुंबई में जयशंकर के साथ बातचीत के बाद रुबियो ने कहा कि समझौते पर काफी प्रगति हुई है और अब कुछ ही मुद्दों का समाधान बाकी है। व्यापार समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच टैरिफ, ऊर्जा आयात और अन्य आर्थिक मुद्दों पर बातचीत होती रही है।
हालिया चर्चाओं से संकेत मिले हैं कि दोनों पक्ष समझौते को जल्द पूरा करने के पक्ष में हैं। हालांकि, अंतिम घोषणा और समझौते की शर्तों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना होगा। रुबियो ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ नीतिगत मतभेद होने के बावजूद भारत और अमेरिका के व्यापक संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हैं। दोनों देश व्यापार और निवेश के साथ-साथ रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।
भारत को बताया ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी ताकत
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भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक तेल बाजार में उसकी भूमिका भी बातचीत का प्रमुख हिस्सा रही। रुबियो ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता की सराहना की और संकेत दिया कि अमेरिका भारतीय कंपनियों के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहा है। इस संदर्भ में रिलायंस इंडस्ट्रीज की गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी विशेष महत्व रखती है। यह दुनिया के सबसे बड़े एकल-स्थान रिफाइनिंग परिसरों में शामिल है और विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस करने की अपनी क्षमता के लिए जानी जाती है।
रुबियो के जामनगर दौरे का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में कारोबारी सहयोग की संभावनाओं को समझना भी है। अमेरिकी पक्ष रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ वेनेजुएला के कच्चे तेल की खरीद और रिफाइनिंग बढ़ाने पर चर्चा करना चाहता है। इससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार को विस्तार देने के अवसर पैदा हो सकते हैं।
वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका और रिलायंस की नजर
वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति, कीमतों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण तेल के वैकल्पिक स्रोतों का महत्व बढ़ गया है। ऐसे में अमेरिका भारत की विशाल रिफाइनिंग क्षमता और अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदने के अनुभव का लाभ उठाना चाहता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी इस चर्चा के केंद्र में है। अमेरिकी अधिकारियों की योजना कंपनी के साथ वेनेजुएला के तेल के संभावित अतिरिक्त प्रसंस्करण और संबंधित कारोबारी अवसरों पर बातचीत करने की है।
इस तरह का सहयोग ऊर्जा आपूर्ति के विकल्प बढ़ाने और दोनों देशों के वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने में उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किसी नए समझौते या अतिरिक्त तेल प्रसंस्करण की मात्रा को लेकर अभी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
भारत-UAE के बीच भी हुई अहम कूटनीतिक बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच बातचीत के साथ ही भारत तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच क्षेत्रीय परिस्थितियों पर चर्चा भी महत्वपूर्ण रही। UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और एस. जयशंकर के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
भारत ने खाड़ी क्षेत्र में शांति बनाए रखने और तनाव कम करने के लिए संवाद तथा कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, इसलिए वहां की सुरक्षा भारत के लिए विशेष महत्व रखती है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और उर्वरकों की निर्बाध आवाजाही भी अहम विषय हैं। क्षेत्रीय तनाव का असर इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है, इसलिए भारत और UAE के लिए सहयोग बनाए रखना महत्वपूर्ण है। मुंबई में हुई उच्चस्तरीय बातचीत ने इन साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का अवसर दिया।








