कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 21 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने में देरी पर अपनी चिंताएं साझा करेंगे। उन्होंने इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि वह बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया और महिला आरक्षण लागू करने में हो रही देरी से जुड़ी अपनी चिंताएं रखेंगे। खरगे के मुताबिक, उन्होंने इन मुद्दों पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी बात पहले ही पहुंचाई है। अब वह इन प्रक्रियाओं के संभावित प्रभावों और महिला आरक्षण के क्रियान्वयन में देरी को लेकर प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण मांगेंगे।
SIR और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर कांग्रेस की चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ प्रस्तावित बातचीत में वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और परिसीमन से जुड़े विषयों को विस्तार से उठाएंगे।
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR मतदाता सूची की समीक्षा और सत्यापन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और उसमें दर्ज विवरणों की जांच करना होता है। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने या विवरणों में बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों और नागरिकों की चिंताएं भी सामने आ सकती हैं।
खरगे ने संकेत दिया कि वह इस प्रक्रिया के प्रभावों को लेकर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे। कांग्रेस की चिंताओं के केंद्र में यह सवाल है कि मतदाता सूची में संशोधन किस तरह किया जा रहा है और इससे चुनावी प्रक्रिया पर क्या असर पड़ सकता है। उन्होंने इस विषय पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का भी उल्लेख किया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पत्र की विस्तृत सामग्री, उसमें उठाए गए सभी बिंदुओं और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का विवरण नहीं दिया गया है।
परिसीमन की प्रस्तावित प्रक्रिया पर भी होगी चर्चा
खरगे जिन प्रमुख मुद्दों को उठाने वाले हैं, उनमें प्रस्तावित परिसीमन भी शामिल है। परिसीमन का अर्थ निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करना है। इस प्रक्रिया के तहत चुनावी क्षेत्रों की भौगोलिक सीमाओं और प्रतिनिधित्व से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की जा सकती है।
परिसीमन का विषय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन संसदीय और विधानसभा प्रतिनिधित्व को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में इसकी प्रक्रिया, समय-सीमा और आधार को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा होना स्वाभाविक है। खरगे ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को परिसीमन के संभावित प्रभावों के बारे में अपनी चिंताएं बताएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, इन विषयों पर प्रधानमंत्री से सीधे बातचीत करके उनका पक्ष स्पष्ट करना जरूरी है।
हालांकि, खरगे ने परिसीमन के संबंध में किन विशिष्ट प्रस्तावों या प्रावधानों पर आपत्ति जताई है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस मुद्दे पर उनकी चिंताओं के सटीक दायरे और प्रस्तावित बदलावों के संभावित परिणामों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक विवरण आवश्यक होगा।
महिला आरक्षण लागू करने में देरी पर उठाएंगे सवाल
खरगे की प्रस्तावित बातचीत का तीसरा प्रमुख विषय महिला आरक्षण है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री से यह स्पष्ट करने को कहेंगे कि महिला आरक्षण को लागू करने में देरी क्यों हो रही है।
महिला आरक्षण का मुद्दा भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और विधायी संस्थाओं में उनके प्रतिनिधित्व से जुड़ा है। इस विषय पर चर्चा के दौरान इसके क्रियान्वयन की समय-सीमा, आवश्यक प्रक्रियाओं और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
खरगे ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री से देरी के कारणों पर स्पष्टीकरण मांगेंगे। उनका कहना है कि महिला आरक्षण के क्रियान्वयन से जुड़े सवालों पर स्पष्टता आवश्यक है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रधानमंत्री की ओर से इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया या महिला आरक्षण लागू करने की नई समय-सीमा का उल्लेख नहीं है। इसलिए प्रस्तावित बातचीत के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन सवालों पर सरकार का क्या रुख सामने आता है।
प्रधानमंत्री को पहले ही पत्र लिख चुके हैं खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने SIR, परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
खरगे के अनुसार, वह बुधवार को होने वाली बातचीत के दौरान इन मुद्दों के प्रभावों को विस्तार से समझाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से मतदाता सूची के पुनरीक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को सामने रखने तथा महिला आरक्षण लागू करने में देरी पर जवाब मांगने की बात कही।
प्रधानमंत्री को पत्र लिखना और बातचीत में इन मुद्दों को उठाने की घोषणा यह दर्शाती है कि कांग्रेस नेतृत्व इन विषयों पर सरकार के सामने अपनी चिंताएं रखना चाहता है। हालांकि, बातचीत के परिणाम और सरकार की संभावित प्रतिक्रिया के बारे में अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
राजनीतिक और चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण मुद्दे
SIR, परिसीमन और महिला आरक्षण तीनों विषय चुनावी व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े हैं। मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव में भाग लेने वाले मतदाताओं के रिकॉर्ड से संबंधित है, जबकि परिसीमन निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और प्रतिनिधित्व की संरचना को प्रभावित कर सकता है। महिला आरक्षण का संबंध विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी से है।
इसी वजह से इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग महत्वपूर्ण मानी जाती है। खरगे ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान इन विषयों पर अपना पक्ष रखेंगे।
अब सबकी नजर बुधवार की प्रस्तावित बातचीत पर है। इसके बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण, परिसीमन और महिला आरक्षण के क्रियान्वयन से जुड़े सवालों पर आगे क्या चर्चा होती है। फिलहाल खरगे ने इन तीनों मुद्दों पर अपनी चिंताएं साझा करने और सरकार से जवाब मांगने का इरादा जताया है।










