मौसम अपडेट: पौड़ी में लैंडस्लाइड, 25 दुकानों पर खतरा; बिहार के 14 जिलों में बाढ़

देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तराखंड के पौड़ी में लैंडस्लाइड से दुकानों पर खतरा बढ़ा है। बिहार में 14 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं,

देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तराखंड के पौड़ी में लैंडस्लाइड से दुकानों पर खतरा बढ़ा है। बिहार में 14 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि मध्य प्रदेश में मानसून ब्रेक के बीच अगले दिनों में बारिश लौटने की संभावना है।

उत्तराखंड: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में लैंडस्लाइड के बाद पाबौ बाजार की छह दुकानों को खाली कराया गया है और 25 से ज्यादा दुकानों पर खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर, बिहार में गंगा समेत आठ नदियां उफान पर हैं और 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश में मानसून ने तीन दिन का ब्रेक लिया है, जबकि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।

पौड़ी में लैंडस्लाइड से दुकानों पर खतरा

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में लैंडस्लाइड के कारण पाबौ बाजार में खतरा बढ़ गया है। भूस्खलन की चपेट में आने की आशंका के चलते छह दुकानों को खाली कराया गया है। वहीं, 25 से ज्यादा दुकानों पर खतरा बना हुआ है।

लैंडस्लाइड के कारण आसपास मौजूद कुछ घरों और दुकानों में भी दरारें आने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।

पहाड़ी जिलों में बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

बिहार में 14 जिलों में बाढ़ का संकट

बिहार में गंगा समेत आठ नदियां अभी भी उफान पर हैं। राज्य के 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 35.89 लाख लोग इससे प्रभावित हैं।

बाढ़ का असर 62 प्रखंडों और 491 पंचायतों तक बताया गया है। गंगा के अलावा कोसी, गंडक और घाघरा जैसी नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

सारण में माही नदी पर बना जमींदारी बांध टूटने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों के सामने राहत एवं बचाव कार्य की चुनौती बनी हुई है।

मौसम पूर्वानुमान में बिहार के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना भी बताई गई है, जिससे पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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मालदा में गंगा का जलस्तर बढ़ा

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ने से महानंदा टोला और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ तथा कटाव की स्थिति तेज हो गई है।

स्थानीय स्तर पर करीब 15 से 20 हजार लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। नदी के बढ़ते जलस्तर और कटाव के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश की गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई क्षेत्रों में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश में तीन दिन मानसून ब्रेक

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर तीन दिन का ब्रेक लिया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 11 सितंबर तक प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है।

हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। 11 सितंबर को पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक लो-प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर 12 सितंबर से मध्य प्रदेश समेत आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देना शुरू हो सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में 10 सितंबर से बारिश बढ़ने के आसार

छत्तीसगढ़ में फिलहाल बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम हैं। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

अगले दो से तीन दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में अभी मौसम अपेक्षाकृत शांत है, वहां भी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

मध्य भारत में मौसम की गतिविधियां बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम से प्रभावित हो सकती हैं।

राजस्थान में भी तीन दिन बारिश का ब्रेक

राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने के कारण अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम बन सकता है।

इस सिस्टम के प्रभाव से 12 सितंबर से राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

इससे पहले प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है।

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उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में वाराणसी और प्रयागराज समेत 23 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के चलते लखीमपुर और बरेली में कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है।

वाराणसी में प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के स्कूल बंद रहेंगे। वहीं, कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कुछ इलाकों में कमजोर पड़ने की खबरों के बीच भी अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है।

पंजाब में ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। आज पठानकोट, रूपनगर और होशियारपुर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

राज्य के बाकी अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। ऐसे में पंजाब में बारिश की गतिविधियां फिलहाल सीमित रहने का अनुमान है।

हरियाणा में 35 डिग्री के पार पहुंचा पारा

हरियाणा में मानसून की रफ्तार धीमी होने के साथ तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। राज्य के 10 से अधिक प्रमुख शहरों और मौसम केंद्रों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

देश के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

9 सितंबर को मौसम विभाग के पूर्वानुमान में देश के कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और कई पूर्वी राज्यों में मौसम की गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

देश में आने वाले दिनों में मौसम का रुख अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकता है। उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में बारिश के साथ लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है, जबकि बिहार में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर हैं, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया कम दबाव का क्षेत्र 12 सितंबर के बाद मौसम में बदलाव ला सकता है।

ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना और नदी या जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

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