Success Story: SSB में 12 बार फेल होने के बाद बने RAS Officer, अब राजस्थान पुलिस में Deputy SP

महावीर सिंह SSB में 12 बार असफल हुए, फिर VRS लेकर RAS की तैयारी की। RAS 2024 में 5वीं रैंक हासिल कर राजस्थान पुलिस में Deputy SP बने।

महावीर सिंह ने भारतीय वायु सेना में 20 साल सेवा के बाद अफसर बनने का सपना पूरा किया। SSB में 12 बार असफल होने और तानों के बावजूद उन्होंने RAS की तैयारी की और 2024 में एक्स-सर्विसमैन कैटेगरी से 5वीं रैंक हासिल की।

राजस्थान: RAS Success Story महावीर सिंह के संघर्ष और जिद की मिसाल है। 12वीं के बाद भारतीय वायु सेना में शामिल हुए महावीर ने करीब 20 साल सेवा की और गरुड़ कमांडो के रूप में काम किया। अफसर बनने के प्रयास में SSB में 12 बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। VRS लेकर सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और RAS 2024 में 5वीं रैंक हासिल कर राजस्थान पुलिस में Deputy SP बने।

साधारण परिवार से शुरू हुआ अफसर बनने का सपना

महावीर सिंह राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र से आते हैं। उनके पिता सिंचाई विभाग में 4th ग्रेड कर्मचारी थे। बचपन जैसलमेर में बीता, जहां सेना में जाने का माहौल उनके मन पर गहरा असर डालता गया। इसी दौरान उनके भीतर Armed Forces में शामिल होने की इच्छा पैदा हुई।

Success Story: SSB में 12 बार फेल होने के बाद बने RAS Officer, अब राजस्थान पुलिस में Deputy SP

साल 2002 में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय वायु सेना जॉइन कर ली। आगे चलकर वे एयरफोर्स की स्पेशल फोर्स गरुड़ कमांडो का हिस्सा बने और कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में सेवा दी।

केरल बाढ़ से कांगो मिशन तक निभाई जिम्मेदारी

2018 में केरल में आई भीषण बाढ़ के दौरान महावीर सिंह को rescue mission के लिए भेजा गया। उस समय वह परिवार के साथ कोयंबटूर एयरपोर्ट पर थे। मिशन का संदेश मिलने के बाद उन्होंने परिवार को फ्लाइट से रवाना किया और खुद राहत अभियान में शामिल होने के लिए केरल चले गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उन्होंने हजारों लोगों की जान बचाने में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत कांगो में भी 14 महीने तक सेवा की।

SSB में 12 बार असफलता, फिर भी नहीं छोड़ा सपना

एयरफोर्स में रहते हुए महावीर सिंह का लक्ष्य अधिकारी बनना था। उन्होंने AFCAT और Service Entry Commission के जरिए SSB में कई बार हिस्सा लिया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

2011 में एक बार, जबकि 2012, 2013 और 2014 में दो-दो बार SSB देने के बावजूद वह चयनित नहीं हो सके। इस तरह उन्हें कुल 12 बार असफलता का सामना करना पड़ा। लगातार नाकामी के कारण आसपास के कुछ लोग उन्हें अलग विकल्प तलाशने की सलाह भी देने लगे।

VRS लेकर शुरू की सिविल सेवा की तैयारी

साल 2022 में महावीर सिंह ने एयरफोर्स से VRS लेने का फैसला किया। उस समय उनके पास स्थिर नौकरी और अच्छी सैलरी थी, लेकिन उन्होंने अधिकारी बनने के अपने पुराने लक्ष्य को पूरा करने के लिए सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी।

लंबे समय तक पढ़ाई से दूर रहने के कारण उन्होंने तैयारी की शुरुआत बिल्कुल basic level से की। यहां तक कि उन्होंने अपनी बेटी की 6वीं कक्षा की किताबों से भी पढ़ाई शुरू की। वह सुबह करीब 7 बजे library जाते और रात 9 से 10 बजे तक पढ़ाई करते थे।

तानों के बीच मेहनत जारी रखी

लगातार असफलताओं के दौरान कुछ लोग उनके बारे में यह तक कहने लगे कि कहीं उन्हें security guard की नौकरी न करनी पड़े। लेकिन इन बातों ने उनके लक्ष्य को कमजोर नहीं किया।

निराशा के समय वह रामधारी सिंह दिनकर की ‘रश्मिरथी’ की पंक्तियों को याद करते थे। उनका सफर यही दिखाता है कि लगातार असफलता के बावजूद लक्ष्य के प्रति दृढ़ता बनी रहे तो रास्ता बदला जा सकता है, लेकिन मंजिल छोड़ी नहीं जाती।

RAS में दो बार मिली सफलता

महावीर सिंह की मेहनत का परिणाम साल 2023 में सामने आया। उन्होंने RAS 2023 परीक्षा पास की और Assistant Commissioner GST के पद पर चयनित हुए। इसके बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।

अगले वर्ष RAS 2024 में उन्होंने Ex-Serviceman category से 5वीं रैंक हासिल की। 15 अक्टूबर 2025 की रात selection list में अपना नाम देखने का पल उनके और उनके परिवार के लिए बेहद खास रहा।

आज महावीर सिंह राजस्थान पुलिस में Deputy SP के पद पर हैं। उनकी कहानी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि असफलता सपने का अंत नहीं होती। कई बार लक्ष्य तक पहुंचने के लिए केवल रास्ता बदलने की जरूरत होती है।

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