MCX Electricity Futures ने 4 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। एक दिन का टर्नओवर ₹245 करोड़ और वॉल्यूम 4.20 लाख MWh रहा, जबकि Open Interest 1.40 लाख MWh के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
नई दिल्ली: MCX Electricity Futures में 4 सितंबर 2026 को कारोबार ने नया रिकॉर्ड बनाया। इस दिन कॉन्ट्रैक्ट का टर्नओवर ₹245 करोड़ और वॉल्यूम 4.20 लाख MWh रहा, जबकि Open Interest बढ़कर 1.40 लाख MWh के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। बढ़ती ट्रेडिंग एक्टिविटी और बाजार भागीदारी को भारतीय पावर मार्केट में इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स की बढ़ती स्वीकार्यता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा MCX Electricity Futures का कारोबार
MCX Electricity Futures ने 4 सितंबर 2026 को अब तक का सबसे अधिक एकदिवसीय टर्नओवर दर्ज किया। इस दिन कारोबार का कुल टर्नओवर ₹245 करोड़ रहा, जबकि वॉल्यूम 4.20 लाख MWh दर्ज किया गया। कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत के बाद यह एक अहम उपलब्धि है।
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इसी दिन Open Interest यानी OI भी बढ़कर 1.40 लाख MWh के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। OI में यह बढ़ोतरी बाजार में लगातार बढ़ रही भागीदारी और इस कॉन्ट्रैक्ट को अपनाए जाने का संकेत देती है। इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स में बढ़ती गतिविधि से बाजार प्रतिभागियों को बिजली की कीमतों से जुड़े जोखिम को मैनेज करने में बेहतर विकल्प मिल रहा है।
FY27 में Average Daily Volume में 36% की बढ़ोतरी
MCX Electricity Futures में ट्रेडिंग एक्टिविटी पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगातार मजबूत हुई है। FY26 में Average Daily Volume (ADV) 65,631 MWh था, जो FY27 में 3 सितंबर 2026 तक बढ़कर 89,213 MWh हो गया। इस तरह इसमें करीब 36% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
खास बात यह है कि MCX Electricity Futures के सभी चार एक्सपायरी-मंथ कॉन्ट्रैक्ट्स में सक्रिय ट्रेडिंग देखी गई है। इससे संकेत मिलता है कि भागीदारी केवल निकट अवधि के कॉन्ट्रैक्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कॉन्ट्रैक्ट कर्व में गतिविधि बढ़ रही है।
Open Interest के मामले में भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। FY26 में Average Open Interest (AOI) 52,548 MWh था, जो FY27 में 3 सितंबर 2026 तक 76,357 MWh हो गया। यानी इसमें करीब 45% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पूरे कॉन्ट्रैक्ट कर्व में बढ़ी लिक्विडिटी
दूर के महीनों में एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी लिक्विडिटी में सुधार हुआ है। पूरे कर्व में वॉल्यूम और भागीदारी बढ़ने से बाजार प्रतिभागियों को लंबी अवधि के लिए बिजली की कीमतों से जुड़े एक्सपोजर को मैनेज करने में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।
MCX Electricity Futures का अंडरलाइंग स्पॉट मार्केट के साथ भी मजबूत संबंध देखने को मिला है। फ्यूचर्स की कीमतें स्पॉट कीमतों के अनुरूप चलती हैं और मौजूदा इलेक्ट्रिसिटी मार्केट के फंडामेंटल्स को दर्शाती हैं। इससे बिजली की कीमतों की बेहतर और कुशल Price Discovery में मदद मिलती है तथा बाजार को एक मार्केट-बेस्ड रेफरेंस मिलता है।
उत्पादकों और डिस्कॉम की भागीदारी भी बढ़ी
इस कॉन्ट्रैक्ट में भाग लेने वाले बाजार प्रतिभागियों का दायरा भी बढ़ रहा है। वित्तीय बाजार से जुड़े प्रतिभागियों के साथ-साथ वैल्यू चेन से जुड़े प्रतिभागियों की भागीदारी में भी वृद्धि हुई है। इनमें बिजली उत्पादक, वितरण कंपनियां यानी डिस्कॉम और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं।
इन प्रतिभागियों की बढ़ती सक्रियता भारतीय बिजली बाजार में इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स की व्यावसायिक उपयोगिता को मजबूत करती है। साथ ही, बढ़ती भागीदारी और लिक्विडिटी से बिजली की कीमतों के जोखिम को मैनेज करने तथा बाजार में अधिक प्रभावी Price Discovery की सुविधा मिलने की उम्मीद है।









