टाटा संस की अगली बोर्ड बैठक में चेयरमैन के संभावित तीसरे कार्यकाल पर चर्चा हो सकती है। निवेशकों की नजर इस फैसले पर है। नेतृत्व की निरंतरता, आयु सीमा और संभावित सूचीबद्धता जैसे मुद्दे समूह की रणनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।
MP Budget 2026-27: मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया गया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में बजट भाषण पढ़ते हुए इसे प्रदेश के विकास और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूरक बताया। यह साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का पहला डिजिटल बजट है, जिसमें नगर विकास, ग्रामीण अधोसंरचना, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और युवा रोजगार पर विशेष फोकस किया गया है।
डिजिटल बजट के साथ नई दिशा
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि यह पहला ऐसा बजट है जिसे डिजिटल फॉर्मेट में पेश किया गया। उनका कहना है कि बजट का उद्देश्य हर हाथ को काम देना और हर नारी को न्याय सुनिश्चित करना है। मध्य प्रदेश को देश का तीसरा युवा प्रदेश बताते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर मिले, यही सरकार की प्राथमिकता है। पीएम मोदी के सपनों को साकार करने वाला यह बजट प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा।
तीन साल की आर्थिक योजना
बजट में तीन साल की आर्थिक योजना का प्रस्ताव रखा गया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। किसानों के लिए 25,000 करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 720 करोड़ रुपये बिना ब्याज के दिये जाएंगे। इसके अलावा 1.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान कृषि क्षेत्र के लिए किया गया है।
पशुपालन और गौशालाओं के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि रखी गई है। 2364 करोड़ रुपये पशुपालन के लिए और 337 करोड़ रुपये किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। साथ ही एक लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराया जाएगा। मछली उत्पादन के लिए 412 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लाड़ली बहनों और नारी कल्याण पर विशेष ध्यान
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बजट में लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1800 करोड़ रुपये और नारी कल्याण योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। 1 अप्रैल से तलाकशुदा बेटियों को भी परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा।
बुंदेलखंड के लिए इंडस्ट्रियल पैकेज की घोषणा कर इस क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है। सिंहस्थ कुंभ के लिए 13,851 करोड़ रुपये, पीएम जनमन के लिए 800 करोड़ रुपये और स्वच्छ भारत मिशन के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश
बजट में शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। 15,000 शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित की गई है। 294 सांदीपनी स्कूल स्थापित किए जाएंगे और छात्रवृत्ति के लिए 286 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। MBBS में 2,850 नई सीटें और आयुष्मान योजना के लिए 2,139 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
यशोदा पोषाहार योजना के तहत 8वीं तक के बच्चों को टेट्रा पैक में दूध मिलेगा। अल्पसंख्यक छात्रावासों को उन्नत किया जाएगा। 5,700 वर्किंग वूमन हॉस्टल शहरों में बनाए जाएंगे। पीएमश्री योजना के लिए 530 करोड़ रुपये, धरती आबा योजना के लिए 752 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
युवाओं के लिए अवसर
उद्यम क्रांति योजना के तहत 16,451 युवाओं को लोन उपलब्ध कराया जाएगा। खेल और युवा कल्याण के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्व-सुविधायुक्त स्टेडियम बनाए जाएंगे।
बजट में यह स्पष्ट किया गया कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
श्रमिक और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को लाभ
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि आगामी वित्तीय वर्ष में श्रमिक वर्ग और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए 1,335 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य मजदूरों, दैनिक वेतनभोगियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए जोड़ना है।
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बीमा सुरक्षा का विस्तार
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक प्रदेश में 4 करोड़ 61 लाख से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी आबादी औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 1 करोड़ 54 लाख से अधिक लोग पंजीकृत हैं। इन योजनाओं से दुर्घटना या असामयिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को वित्तीय सुरक्षा मिलती है।
लोक निर्माण विभाग के लिए 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। शहरों में बायो गैस और पंचकर्म की सुविधा उपलब्ध होगी। 10 लाख नए आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बजट में खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम
सिंहस्थ कुंभ के लिए 13,851 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में खेल और युवा कल्याण को बढ़ावा देने के लिए सर्व सुविधायुक्त स्टेडियम बनाए जाएंगे। यह पहल युवा शक्ति को जोड़ने और खेल के क्षेत्र में प्रतिभा को उभारने के लिए अहम है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक को प्रथम पंक्ति तक पहुंचाना है। गौशालाएं आधुनिक पद्धति से संचालित होंगी और एमएमआई को मिल्क कैपिटल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। 4,000 सरदार पटेल कोचिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
बजट पेश होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। गुल्लक लेकर आए कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह बजट जनता की तिजोरी से तैयार किया गया है और कर्ज लेकर खर्च किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन का पालन नहीं कर रही है।









