AI मशीन से कैंसर का पता लगाना हुआ आसान, जानें कैसे मदद करती है

विप्रो ने भारत में AI-संचालित MRI मशीन विकसित की, जो 30-45 मिनट में कैंसर और ट्यूमर का सटीक निदान करती है।

विप्रो ने भारत में पहली AI-संचालित MRI मशीन विकसित की है, जो 30-45 मिनट में कैंसर और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों का पता लगाने में सक्षम है। इस डिवाइस में चार आर्म, डीप लर्निंग एल्गोरिदम और रियल-टाइम स्कैनिंग फीचर्स हैं, जो जांच को तेज, सटीक और भरोसेमंद बनाते हैं। इससे मरीजों को समय पर निदान और इलाज की सुविधा मिलती है।

AI Health Technology: विप्रो ने भारत में पहली AI-संचालित MRI मशीन पेश की है, जो महज 30 से 45 मिनट में कैंसर का पता लगाने में सक्षम है। इस मशीन का उपयोग अस्पतालों और क्लिनिक में मरीजों के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों का रियल-टाइम स्कैन करने के लिए किया जाएगा। डिवाइस में चार आर्म, डीप लर्निंग एल्गोरिदम और सटीक निदान फीचर्स हैं, जिससे मरीज समय पर इलाज शुरू कर सकते हैं। इसका उद्देश्य हेल्थकेयर प्रक्रिया को तेज, भरोसेमंद और टिकाऊ बनाना है।

कैसे काम करती है मशीन

इस AI MRI डिवाइस में चार अलग-अलग आर्म लगे हैं, जो शरीर के हर हिस्से का स्कैन करने में मदद करते हैं। पेट के मध्य भाग का स्कैन मुख्य आर्म करता है, जबकि अन्य आर्म शरीर के अन्य हिस्सों पर फोकस करते हैं। मशीन रीयल-टाइम आउटपुट देती है, जिससे डॉक्टर तुरंत परिणाम देख सकते हैं और समय पर इलाज शुरू कर सकते हैं।

AI तकनीक के जरिए यह डिवाइस डीप लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करता है, जिससे स्कैनिंग समय में 37% की कमी आती है और हीलियम की खपत 75% तक कम होती है। इससे जांच तेज, अधिक सटीक और टिकाऊ बनती है।

AI से हेल्थकेयर में तेजी और सटीकता

विप्रो की चीफ टेक्निकल ऑफिसर संध्या अरुण के अनुसार, यह तकनीक कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान को आसान और भरोसेमंद बनाती है। यह मशीन मरीजों को समय पर निदान और इलाज शुरू करने का अवसर देती है, जिससे जीवन रक्षक प्रभाव पड़ सकता है।

AI-संचालित MRI मशीन का यह प्रयोग भारत में हेल्थ टेक्नोलॉजी के भविष्य को दिखाता है। इससे अस्पतालों और क्लिनिक में जांच की प्रक्रिया में सुधार होगा और मरीजों के लिए समय और संसाधनों की बचत होगी।

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